फूटा महंगाई बम, गरीब की थाली से सब्जियां गायब
एक बार फिर महंगाई ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। महंगाई ने आम आदमी की थाली से सब्जियां गायब बर दी हैं। महज एक पखवाडे़ में सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच गए।
महंगाई के हालात में ग्रहणियों के किचन का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। 15 दिन पहले अधिकांश सब्जियों के दाम 10 से 20 रुपये प्रति किलो थे। आलू पांच से सात रुपये किलो के हिसाब से उपलब्ध था।
अब आलू का रेट 10 से 12 रुपये पहुुंच गया है। अव्वल क्लास का आलू 15 रुपये किलो है। लौकी, तौरई, भिंडी, काशीफल के दामों में भी दो से चार गुना इजाफा हुआ है। कुल मिलाकर सब्जी की थाली महंगी हो गई है।
गनीमत यह है कि दाल के दाम सामान्य है अन्यथा आम आदमी के सामने पेट भरने का संकट खड़ा हो जाता। आढ़ती बता रहे हैं कि मंडियों में सब्जियों की आवक कम होने और मांग बढ़ने से दामों में उछाल आया है।
आने वाले कुछ दिनाें तक आम आदमी को महंगाई की मार झेलनी पड़ सकती है। वहीं, महंगाई में किचन का बजट मेंनटेन करने के मकसद से गृहणियों ने सब्जियों की खरीद में कटौती करना आरंभ कर दिया है।
सुशीला, रंजीता ने बताया उनके यहां एक से सवा किलो सब्जी का खर्च प्रतिदिन होता है। अब आधा किलो या 700 ग्राम से ही काम चलाना पड़ रहा है।
मीट बिक्री पर सख्ती का असर
मीट की बिक्री पर सख्ती होने से भी सब्जियों की डिमांड में इजाफा हुआ है। कुछ लोग मीट के झंझट से बचने के लिए सब्जियों की ओर रुख कर रहे हैं। सब्जियों में दामों में बढ़ोतरी का एक कारण यह भी माना जा रहा है।
सब्जी 15 दिन पूर्व रेट अब रेट
टमाटर 20 रुपये/किग्रा. 80-90 रुपये
आलू 05 रुपये/किग्रा. 10-12 रुपये
अरबी 20 रुपये/किग्रा. 40-50 रुपये
भिंडी 10 रुपये/किग्रा. 35-40 रुपये
प्याज 10 रुपये/किग्रा. 20-25 रुपये
तोरई 10-15 रुपये/किग्रा. 35-40 रुपये
ग्वारफली 20 रुपये/किग्रा. 40 रुपये
बैगन 10 रुपये/किग्रा. 40 रुपये
नीबू 20 रुपये पाव 30 रुपये पाव
धनिया हरा 5 रुपये का 100 ग्राम 10 रुपये का 50 ग्राम
काशीफल 10 रुपये/किग्रा. 20 रुपये किलो
लौकी 10 रुपये/किग्रा. 40 रुपये किलो
मिर्च हरी 30-40 रुपये/किग्रा. 100 रुपये किलो
बारिश के बाद सब्जियों की आवक में कमी आने से दामों में उछाल आया है। आगे सब्जियों ओर भी महंगी होने की उम्मीद है।
हाजी अख्तर
फल एवं सब्जी आढ़ती