डीएम की रडार पर जिले के अल्ट्रासाउंड सेंटर
भ्रूण लिंग जांच के मामले सामने आने के बाद अल्ट्रासाउंड सेंटर डीएम की रडार पर हैं। उन्होंने स्वास्थ्य अफसरों को चिन्हित अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिले में करीब एक दर्जन से अधिक अल्ट्रासाउंड सेंटर चिन्हित किए गए हैं, जहां भ्रूण लिंग जांच की आशंका जताई जा रही है।
हाल ही में जिला प्रशासन, लखनऊ और राजस्थान की टीम ने जिले के अल्ट्रासाउंड सेंटरों की गोपनीय जांच के बाद भ्रूण लिंग जांच का भंडाफोड़ किया था। नगर के सोलंकी नर्सिंग और शोभाराम हास्पिटल के संचालक को भ्रूण लिंग जांच में जेल भेजा गया था।
इसके अलावा तेवतिया अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील किया गया, जबकि लाल अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील करने के बाद दस्तावेज सही पाए जाने पर खोला गया। जिले भर में करीब एक दर्जन से अधिक ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटर चिन्हित किए गए हैं, जहां भ्रूण लिंग जांच की आशंका जताई जा रही है।
इसके अलावा करीब 20 से अधिक नर्सिंग होम चिहिन्त किए गए हैं, जहां अवैध तरीके से गर्भपात कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य अफसरों को चिह्नित नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गड़बड़ी पाए जाने पर अल्ट्रासाउंड सेंटर और नर्सिंग होमों को तत्काल सील करने के निर्देश हैं। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि चिन्हित किए गए अल्ट्रासाउंड सेंटरों और नर्सिंग होम की जांच के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है।
इसके अलावा गोपनीय रूप से भी जांच कराई जा रही है। भ्रूण लिंग जांच बर्दाश्त नहीं की जाएगी।