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अब खतौनी की तर्ज पर काम करेगी ‘घरौनी’

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अब खतौनी की तर्ज पर काम करेगी ‘घरौनी’
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शाहनवाज चौधरी
अब गांवों में घर का विवरण भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज होगा। ग्रामीणों को बाकायदा खतौनी की तर्ज पर घरौनी दी जाएगी। घरौनी को देख पता लगाया जा सकेगा कि मकान या अन्य आवासीय प्रापर्टी का मालिक कौन है।

घरौनी मिलने के बाद ग्रामीणों के लिए हैसियत प्रमाण पत्र का रास्ता भी खुल जाएगा। अब तक गांव में मकान मालिक को प्रशासन हैसियत प्रमाण पत्र जारी नहीं करता था।
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खतौनी में कृषि भूमि का रिकॉर्ड दर्ज होता है। घरौनी में आवासीय भूमि और आवास का विवरण दर्ज होगा। राजस्व संहिता की धारा 43 (2) के तहत घरौनी में गांवों में बनाए गए एक एक मकान का विवरण दर्ज होगा। बाकायदा इसके लिए गांवों में डोर टू डोर सर्वे कराया जाएगा।

गांव में सभी मार्ग भी घरौनी में दर्ज होंगे। मकान के मालिक को घरौनी प्रमाण पत्र मिलने के बाद वह प्रशासन से हैसियत प्रमाण पत्र भी बनवा सकेंगे। इसका बड़ा लाभ यह भी होगा कि गांवों में जमीन, दुकान और मकान से जुड़े विवादों को सुलझाया जा सकेगा।

गांवों में रास्ते और आवासों को लेकर काफी गहमागहमी का माहौल रहता है। कई बार तो नौबत मारने मरने की आ जाती है। ऐसे कई मामले रेवेन्यू कोर्ट में भी चल रहे हैं।

घरौनी में दर्ज होगा यह विवरण
घरौनी में मकान मालिक का नाम, मकान का कवर्ड क्षेत्र और खाली स्थान, पिता का नाम, मकान में पेड़ कुंआ इत्यादि है तो इसका भी विवरण होगा। मकान की चोरों दिशाओं में क्या क्या बना हुआ है या नहीं बना हुआ है इसका रिकॉर्ड भी होगा।
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खतौनी की तर्ज पर गांवों में मकान के मालिकों को घरौनी जारी करने की तैयारी है। इस संबंध में नई राजस्व संहिता में भी व्यवस्था की गई है। गांवों में बाकायदा राजस्व टीम सर्वेक्षण कर मकानों का विवरण अभिलेखों में दर्ज करेगी।
- अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन
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