अनूपशहर क्षेत्र के खेतों में भरा गंगा का जलस्तर। संवाद
अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा के जलस्तर में करीब 2 फीट पानी कम हो गया है। नरौरा बैराज पर भी जलस्तर में कमी आई है और अभी और कम होने की संभावना बन रही है। गंगा का जलस्तर कम होने से तेजी से कटान बढ़ रहा है। फसलों में अभी भी पानी भरा होने से किसानों को अपनी फसलों की चिंता लगातार सता रही है। चारे का संकट पहले से ही गहरा रहा है। वहीं, बुधवार को बिजनौर बैराज से 1.36 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
नरोरा गंगा बैराज पर तूफान लेती गंगा नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। नरौरा गंगा बैराज से गंगा नदी की डाउनस्ट्रीम में 191442 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इससे जल स्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है।
जलस्तर में गिरावट से बैराज के अभियंताओं ने राहत की सांस ली है। बैराज के जल लेख सहायक देवेश कुमार ने बताया कि खतरे के निशान से ऊपर चल रही गंगा नदी में मंगलवार से गिरावट शुरू हुई और जल स्तर लगातार कम होते हुए बैराज से गंगा नदी की डाउनस्ट्रीम में 191442 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज से निकली एलसीसी नहर में 6038 व पीएलजीसी नहर में 4939 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
दूसरी ओर अनूपशहर में गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। तीन दिन में गंगा के जलस्तर में करीब 2 फीट की कमी दर्ज की गई है। बिजनौर बैराज से बुधवार सुबह 1.36 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो मंगलवार को छोड़े गये पानी से 24 हजार क्यूसेक कम है।
गंगा के बढ़े जलस्तर से मोहल्ला गंगा द्वार की आबादी प्रभावित हुई थी। खादर क्षेत्र के लगभग 10 गांवों की फसलें जलमग्न हो गई थीं। किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से फसल का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता की मांग की है। सिंचाई विभाग ड्रेनेज के जेई उमेश कुमार ने बताया बृहस्पतिवार दोपहर से पानी और कम हो जाएगा। एसडीएम अनूपशहर प्रियंका गोयल ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। साथ ही कहा कि लगातार जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है।