बुलंदशहर। जिले में मंगलवार की सुबह से ही बादल मंडराने लगे। तेज गड़गड़ाहट के बीच बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो दोपहर होते ही झमाझम बारिश में बदल गई। इस बीच गुलावठी क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। बारिश 13.5 एमएम दर्ज की गई। पूरा दिन बारिश हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और लोग कांपते नजर आए। वहीं, इस बारिश से आलू व सरसों की फसल को नुकसान होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।वैज्ञानिक बुधवार को भी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जता रहे हैं।
पूरा दिन जारी रही बारिश के बीच अधिकतम तापमान 17.4 और न्यूनतम 10 डिग्री दर्ज किया गया। आर्द्रता 88 फीसदी और हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रही। बारिश के चलते नगर से लेकर देहात तक और बाजारों में जगह-जगह जलभराव हो गया। वहीं, बाजार व मार्गों पर कई बार चहल-पहल व आवाजाही बहुत कम हो गई। स्कूल से घर जाने के लिए छात्र-छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के चलते अधिकतर लोग घरों से जरूरी काम के लिए ही बाहर निकले। वहीं, बढ़ी ठंड को देखते हुए लोग शाम होने से पहले ही घर पहुंच गए। बारिश और ओलावृष्टि के चलते आलू और सरसों के साथ सब्जी उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान रवि कुमार, सतेंद्र और मोहन आदि का कहना है कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान है। जबकि आलू और सरसों समेत सब्जी की फसलों को नुकसान होगा।
यदि अब और बारिश होती है तो आलू के खेतों में पानी भर जाएगा और ऐसे में बनकर तैयार हो रहा आलू खराब हो सकता है। तेज हवा चलने से सरसों की फसल पर आ रहा फूल गिर गया है। वहीं, मटर आदि सब्जी की फसल भी खराब हो सकती है। जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव का कहना है कि आलू व सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। यदि और बारिश होती है तो इन फसलों को नुकसान और हो सकता है। इसका आकलन कराया जाएगा।
कृषि विज्ञान केंद्र की अध्यक्ष व मौसम वैज्ञानिक डा. रेशु सिंह का कहना है कि जिले में मंगलवार शाम तक 13.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से बुधवार को भी तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि का अनुमान जताया गया है। ओलावृष्टि का औरेंज, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही अभी कंपकंपा देने वाली ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। बुधवार को अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
प्राचीन नवग्रह शनि धाम मंदिर पर गिरी आकाशीय बिजली
स्याना। क्षेत्र के गांव बरौली वासदेवपुर स्थित प्राचीन नवग्रह शनि धाम मंदिर में मंगलवार सुबह आकाशीय बिजली गिरी। तेज गरज-चमक के साथ गिरी बिजली से मंदिर परिसर में स्थापित कलश, त्रिशूल व पूजा में रखे नारियल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मंदिर के पुजारी आचार्य रिंकू भारद्वाज ने बताया कि सुबह अचानक तेज धमाके के साथ बिजली मंदिर शिखर के पास गिरी। गनीमत रही कि उस समय मंदिर में कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मंदिर की संरचना सुरक्षित रही।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण व श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर समिति सदस्य घुंघरू तोमर ने बताया कि नवग्रह शनि धाम मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां प्रतिदिन श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने इस घटना को प्राकृतिक घटना मानते हुए भगवान शनि देव की कृपा बताया और गांव व क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति व कल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना कर वातावरण को शांत व सकारात्मक बनाए रखने का संदेश दिया गया।