नगर के सरायकाजी में टीकाकरण करवाती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत : स्वास्थ्य विभाग
बुलंदशहर। मोहल्ला सरायकाजी में 24 अक्तूबर को डिप्थीरिया (गला घोंटू) के चलते दो साल की बच्ची की मौत के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग एवं डब्ल्यूएचओ ने संयुक्त शिविर लगाकर 156 बच्चों को चिन्हित कर टीकाकरण के लिए चुना।
इसमें 126 बच्चों को टीडी और डीपीटी की अतिरिक्त खुराक लगाई। शेष 30 बच्चों को जल्द अतिरिक्त खुराक लगाई जाएगी। डिप्थीरिया से मौत का यह इस वर्ष का जिले में पहला मामला रहा। माेहल्ला सरायकाजी निवासी सब्जी विक्रेता आस मोहम्मद की बेटी फातिमा को 10 दिन पूर्व बुखार और गले में दर्द हुआ।
परिजनों ने नगर के एक निजी अस्पताल में दिखाया तो चिकित्सक ने बच्ची में डिप्थीरिया के लक्षण बताकर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। जहां जांच के दौरान डिप्थीरिया की पुष्टि हुई। 24 अक्तूबर को बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के दो दिन बाद बड़ी बहन 16 वर्षीय शानिया के गले में सूजन और सांस लेने में परेशानी होने लगी। शानिया का भी डिप्थीरिया बीमारी के चलते दिल्ली के महर्षि वाल्मिकी एमवीआई में उपचार चल रहा है।