बुलंदशहर। डिबाई क्षेत्र के गांव तलवार में एक किसान की कीटनाशक दवा का छिड़काव करने के बाद 12 बीघा धान की फसल खराब हो गई। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने किसान को संबंधी दवा कंपनी से एक लाख रुपये का मुआवजा दिला दिया लेकिन संगठन ने इस मामले में अधिकारियों की उदासीनता के खिलाफ घेराव करने की चेतावनी दी है। आरोप लगाया है कि सिकंदराबाद में बन रही और चीनी मिलों द्वारा किसानों को दी जा रहे कीटनाशक व अन्य दवाइयों का विभाग नमूने नहीं ले रहा है।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष चौ. अरब सिंह का कहना है कि जब किसान फसल तैयार करता है तो जिले में विभिन्न कंपनियों की तरह-तरह की कीटनाशक व अन्य तरह की दवा बाजार में आ जाती हैं। ऐसे ही एक कीटनाशक दवा के छिड़काव से गांव तलवार के किसान अंकुर की 12 बीघा धान की फसल खराब हो गई। इससे जिला कृषि रक्षा अधिकारी को अवगत कराया, लेकिन इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया।
भाकियू ने किसी तरह कंपनी से किसान को एक लाख रुपये का मुआवजा दिलाया गया है लेकिन संगठन ने अधिकारियों के खिलाफ घेराव करने का निर्णय लिया है। वहीं, जिला कृषि रक्षा अधिकारी अर्चना प्रकाश वर्मा का कहना है कि किसान की फसल खराब होने का मामला संज्ञान में है। इसकी देरी से सूचना मिली और आपस में समझौता हो गया। विभाग की ओर से समय-समय पर कीटनाशक आदि अन्य दवाओं के नमूने लिए जाते हैं और आगे भी लिए जाते रहेंगे।