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धरने के दौरान बीमार हुए बुजर्ग किसान की मौत

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धरने के दौरान बीमार हुए किसान की मौत
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गांव खानपुर में अंडरपास बनाने की मांग को लेकर 30 अगस्त से धरने पर बैठे हैं किसान
-हालत बिगड़ने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में कराया भर्ती
-मंगलवार को चिकित्सकों ने अस्पताल से दे दी थी छुट्टी
-रात्रि में हालत बिगड़ने पर घर पर हुई मौत
-अंडरपास की मांग को लेकर गांव में 30 अगस्त से धरना दे रहे है किसान

अमर उजाला ब्यूरो
चोला। दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित गांव खानपुर में अंडरपास बनाने की मांग को लेकर धरने के दौरान बीमार हुए बुजुर्ग किसान की मंगलवार रात मौत हो गई। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने कहा कि किसान की कुर्बानी को जाया नहीं होने दिया जाएगा और मांग पूरी होने तक धरना जारी रखा जाएगा।
गांव खानपुर निवासी यतेंद्र सिंह गनपत सिंह, शीलचंद, गौतम सिंह, ऋषिपाल, अतवीर सिंह आदि ने बताया कि गांव में अंडरपास बनाने की मांग को लेकर वह 30 अगस्त से गांव के बाहर रेलवे ट्रैक के पास धरने पर बैठे हैं। बताया कि 16 सितंबर को धरनारत इतवीर सिंह, बिशन, कालीचरण, शंकर, गणपत की हालत बिगड़ गई थी। उनका पीएचसी के चिकित्सक द्वारा उपचार किया जा रहा था। बताया कि हालत में सुधार नहीं होने पर उक्त सभी ने धरने से उठने से मना कर दिया था। 29 सितंबर की रात कालीचरण (80) पुत्र स्व. कंछिद की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि मंगलवार दोपहर चिकित्सकों के उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दिया जिसके बाद वह घर ले आए थे। बुधवार सुबह अचानक फिर से हालत बिगड़ गई जिससे उनकी मौत हो गई। कालीचरण की मौत से ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने मांग पूरी होने तक धरना जारी रखने की बात कही।
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मृतक के परिवार से साहनुभूति है। गांव में अंडरपास बनवाने को उन्हें ने रेलवे को पत्र भी लिखा था। एसडीएम डॉ. शुभि काकन

यह है पूरा मामला
ग्रामीणों का कहना की दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण के चलते रेलवे ट्रैक की संख्या तीन से बढ़कर पांच हो जाएगी। गांव की अधिकांश भूमि ट्रैक के दूसरी ओर होने के कारण ग्रामीणों को खेतों में कार्य करने के लिए ट्रैक को लांघकर जाना पड़ता है। इस कारण ग्रामीण हादसे का शिकार होते रहते हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए अंडरपास बनवाने की मांग को लेकर वह वर्ष 2007 से संघर्ष कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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एसडीएम को किसानों के बीच बातचीत हो गई थी विफल
धरनारत किसानों से धरना को समाप्त करने की मांग को लेकर एसडीएम और किसानों के बीच वार्ता विफल हो गई थी। उसके बाद भी एसडीएम ने किसानों की मांग को उचित बताते हुए रेलवे विभाग को पत्र लिखकर अंडरपास बनवाने की सिफारिश की थी।
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