विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कराए गए सर्वे में मतदाता बूथों की स्थिति गड़बड़ मिली है। मतदाता बूथों पर बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी टोटा है। दिव्यागों के लिए रैंप की व्यवस्था भी ज्यादातर बूथों पर नहीं है। इसके चलते एडीएम ने समीक्षा बैठक बुलाई है।
विधानसभा चुनाव के लिए जिले में 2449 मतदाता बूथ बनाए गए हैं। बूथों पर बिजली, पानी, सड़क, शौचालय, रैंप, फर्नीचर समेत 15 जरूरी सुविधाएं होनी चाहिए। सर्वे में सात मतदाता बूथ ऐसे हैं, जिनपर वोटरों के लिए आने जाने का रास्ता नहीं है। 415 मतदाता बूथों पर बिजली कनेक्शन नहीं हैं।
10 बूथों पर पानी का टोटा है। टीनशेड 355 और रैंप की व्यवस्था 206 बूथों पर नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि 46 बूथों पर महिला और कर्मचारियों के लिए शौचालय तक का इंतजाम नहीं किया गया है। फर्नीचर (टेबिल और मेज) 41 पोलिंग बूथों पर नहीं हैं। कुल मिलाकर 1058 मतदाता बूथ ऐसे हैं, जिनपर कुछ न कुछ खामी जरूर है।
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक जिन भवनों में बूथ बनाए गए हैं, उनकी हालत ठीक है। मोबाइल कनेक्टीविटी सभी बूथों पर है। जिस विभाग के भवन में बूथ बनाए गए हैं। संबंधित बूथ की खामी को उसी विभाग को ठीक कराना है। इस संबंध में संबंधित विभाग के अफसरों की मीटिंग भी 28 अक्तूबर को बुलाई गई है।