बुलंदशहर के नेहरूपुर गांव के जंगल में बकरी चराते समय दस साल का बच्चा लोहे के दरवाजे में आए करंट से झुलस गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
बुलंदशहर के नेहरूपुर गांव के जंगल में बकरी चराते समय दस साल का बच्चा लोहे के दरवाजे में आए करंट से झुलस गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां वेंटिलेटर पर उसका उपचार चल रहा है।
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नेहरूपुर गांव निवासी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह उनका 10 साल का बेटा मानव जंगल की और बकरी चैन गया था। वहीं एक आम के बाग में लोहे का दरवाजा लगा हुआ था। बाग के दरवाजे में किसी कारण से करंट आ रहा था इसकी जानकारी किसी को नहीं थी।
पैदल चलते हुए मानव ने गलती से दरवाजे को पकड़ लिया और वह करंट की चपेट में आ गया। उसके साथ मौजूद अन्य बच्चों ने इसकी सूचना गांव में लोगों को दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल मानव को लेकर कैलाश अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों से भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है।