शासन ने सामान्य से अधिक क्षमता के कोल्ड स्टोर (5000 एमटी से अधिक) के निर्माण के लिए सरकारी खजाने का मुंह खोल दिया है। अब तक पांच हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता वाले शीतग्रह सब्सिडी के दायरे में थे। एक कोल्ड स्टोर पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च आता है। जिसमें सरकार की ओर से लाभार्थी को 1.40 करोड़ रुपये सब्सिडी दी जाएगी।
जनपद में 31 कोल्ड स्टोर हैं। जिनकी क्षमता 1.31 लाख एमटी है। अधिकांश शीतग्रहों की भंडारण क्षमता पांच हजार एमटी है। सब्सिडी का दायरा बढ़ने से शीतगृहों के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है। नई व्यवस्था में पांच हजार एमटी से अधिक क्षमता वाले कोल्ड स्टोरों के निर्माण पर भी कुल लागत पर 35 फीसदी सब्सिडी लाभार्थियों को दी जाएगी।
शासन ने सब्सिडी और क्षमता को बाकायदा तीन श्रेणियों विभाजित है। पहली श्रेणी 5100 से 6500 एमटी, दूसरी श्रेणी 6501 से 8000 और तीसरी श्रेणी 8100 से 10000 एमटी है।
पहली दूसरी और तीसरी श्रेणी के लिए क्रमश 7600, 7200 और 6800 रुपये प्रति एमटी के हिसाब से सब्सिडी कर दर तय की गई है। हालांकि आवेदनकर्ता को अधिकतम सब्सिडी 35 फीसदी ही मिल पाएगी।