जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चल रही जोर-आजमाइश के बीच भाजपा का बेड़ा पार कराने के लिए तीन महारथियों के कंधों पर जिम्मेदारी आ गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के दो सांसदों और एक वरिष्ठ पदाधिकारी की प्रतिष्ठा दांव पर है। भाजपा की यह तिकड़ी किसी भी हाल में अध्यक्ष को लेकर पटकनी नहीं खाना चाहती है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर 23 मई को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद काफी कुछ घटनाक्रम बदल चुका है। सूत्रों का दावा है कि भाजपा जिलाध्यक्ष के पत्र में जिन 33 सदस्यों के समर्थन का दावा किया गया है, उसमें से कई पाला बदल चुके हैं।
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पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष हटाने को लेकर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता और सांसद के निर्देश पर रणनीति तैयार की गई। उक्त सांसद के निर्देश पर एक अन्य सांसद और जिले के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाने की रणनीति पर आगे काम किया, लेकिन कई सदस्यों के पाला बदलने से भाजपा की यह तिकड़ी परेशान होने लगी है।
पहले परदे के पीछे से रणनीति बना रही यह तिकड़ी अब खुलकर मैदान में आ गई है। पार्टी के तीनों महारथी किसी भी हाल में जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर मात नहीं खाना चाहते हैं।