जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कुल 60 करोड़ से अधिक का बजट पास किया गया। इसमें विभिन्न मदों के बजट शामिल हैं। वर्ष 2014-15 का पुनरीक्षण और वर्ष 2015-16 का मूल बजट पर चर्चा के बाद इनकों बोर्ड सदस्यों ने सहमति प्रदान कर दी। अध्यक्षता कर रहीं जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने कहा कि विकास से कार्यक्रमों से जुड़े अधिकारियों की अनुपस्थिति बोर्ड की बैठक में चिंताजनक हैं। बोर्ड सदस्यों के तमाम अनसुलझे सवाल रह जातेे हैं। उन्होंने कठोरता भरा निर्णय लेते हुए कहा कि अगर आगे से विभागीय अधिकारी बोर्ड की बैठक में अनुपस्थित रहते हैं तो उनके वेतन काटने के लिए डीएम को लिखा जाएगा।
शासन के अनुदानों में बोर्ड ने 2014-15 और 15-16 में क्रमश: पुनरीक्षित और मूल बजट में 11 करोड़ और 11.50 करोड़ रुपये का और विधायक और एमएलसी निधि में क्रमश: 90 लाख और एक करोड़ का बजट पास किया गया। काजी हाउस को पांच और छह हजार रुपये, नौका घाट को 11.50 और 12 लाख का बजट पास किया गया। तहबाजारी में कोई प्रावधान नहीं किया गया। मेला प्रदर्शनी के लिए 15.30 और 16.35 लाख रुपये का बजट किया गया। संपत्ति से आय, कृषि और तरू पालन, ब्याज आदि को मिलाकर आय का बजट पास किया गया। इसके अलावा सामान्य प्रशासन, उगाही व्यय, चिकित्सा, मेला, कृषि, सार्वजनिक निर्माण, मरम्मत और मूल निर्माण आदि में व्यय के प्रावधान भी पास हुए। अति व्ययता में 40 लाख के पुनरीक्षित बजट में 45 लाख का प्रावधान किया गया।
इस मौके पर बताया गया कि जिला पंचायत की आय के साधन सीमित हैं। आय में वृद्धि करने और व्यय पर नियंत्रण रखने की अत्यंत आवश्यकता है। ताकि राज्य वित्त आयोग के अनुदान के समाप्त होने पर जिला पंचायत के कर्मचारियों को नियमित वेतन और पेंशन आदि का भुगतान होता रहे।
वर्ष 2013-14 में टैक्स से 84,04,803 रुपये की आय हुई थी। वर्ष 2014-15 के पुनरीक्षण बजट में 1.25 करोड़ और अनुमानित बजट में 2015-16 के लिए 1.27 करोड़ का प्रावधान किया गया। संचालन एएमए हरिपाल सिंह यादव के निर्देशन में कार्याधिकारी महावीर सिंह यादव द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में 66 में से 41 सदस्य मौजूद रहे। एमएलसी जितेंद्र यादव, सीडीओ देवेंद्र सिंह कुशवाहा, पीडी रामरक्षपाल सिंह यादव भी यहां मौजूद रहे। हालांकि अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं थे।
स्पोर्ट्स कांपलेक्स को लेकर गहमा-गहमी
बैठक में स्पोर्ट्स कांपलेक्स आसफपुर और दहगवां ब्लाक के गांवों में बनाए जाने की स्वीकृति पर कुछ सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र में इस सुविधा के बारे में जिला पंचायत को घेरने का प्रयास किया लेकिन बाद में उनकों बताया गया है कि यह स्वीकृतियों ग्राम विकास विभाग से जुड़ी हैं। अगर, वह चाहें और पर्याप्त स्थान हो तो ग्राम पंचायतों से संबंधित को प्रस्ताव भिजवाए जाएं। बैठक की व्यवस्था बनाने में संजय कुमार अभियंता, हरिओम नरायण यादव जेई, रवि कुमार ऐलहन, रामानुज श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।