दातागंज। हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करने गए हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव पिपला निवासी मनोज (32) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मंगलवार को उसका शव गांव लाया गया तो परिजनों ने युवक को बुलाकर ले जाने वाले दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। विरोध स्वरूप शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। तीन घंटे जद्दोजहद चली। इसके बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पोस्टमॉर्टम हिमाचल में कराया गया है।
परिजनों ने बताया कि गांव पिपला निवासी मनोज कुमार पुत्र महकू गुप्ता को गांव के ही दो लोग आठ मार्च को हिमाचल प्रदेश लिवा ले गए थे। वहां हमीरपुर में मनोज एक दुकान पर काम करने लगा। बताते हैं कि मनोज 20 जून को अचानक लापता हो गया। अगले दिन उसका शव पुलिस ने बरामद किया। पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव को पिपला गांव भेज दिया गया।
गांव में मृतक मनोज के भाई संजीव और दिनेश ने दो लोगों पर भाई की हत्या करने का आरोप लगाया। कहा कि जब तक दोनों पर कार्रवाई नहीं होती वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। बवाल बढ़ता देख हजरतपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। कोतवाल पुष्पेंद्र सिंह ने परिजनों समेत लोगों को समझाते हुए घटनास्थल हिमाचल प्रदेश होने की बात कही। थानाध्यक्ष हमीरपुर ने कहा कि अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई है। आते ही सूचित करेंगे। बता दें कि मनोज छह भाइयों में सबसे छोटा था। उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं।
घटनास्थल हिमाचल प्रदेश है। वहीं पर युवक के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ है। रिपोर्ट अभी नहीं आई है। रिपोर्ट के आधार पर हिमाचल पुलिस ही इसमें कार्रवाई करेगी। - राहुल पांडेय, सीओ दातागंज