कैंप लगाकर की गई जांच
सोमवार को चिकित्साधिकारी सर्वेश कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने सकरीजंगल में कैंप लगाया। कैंप में कई मरीज पहुंचे। सभी बुखार से पीड़ित थे। आठ मरीजों का ब्लड सैंपल भी लिया गया। इसके बाद चिकित्साधिकारी ने एक दर्जन से अधिक घरों में जाकर उन मरीजों को भी देखा, जिन्हें तीन दिन पहले बुखार की दवाएं मुहैया कराई गई थीं।
चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार ने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या में कमी तो आई है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। इसके विपरीत गांव के करीब 40 मरीज बाहर निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। बता दें कि गांव में सीएमओ प्रदीप कुमार और बरेली की टीम भी हकीकत पर गौर कर चुकी है।
ककराला और बिलहरी में भी बुखार के मरीज
ककराला और क्षेत्र के आसपास गांवों में बुखार फैल रहा है। निजी चिकित्सकों के यहां बुखार के मरीजों की लाइन लगी हुई है। इधर म्याऊं के बिलहरी गांव में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पूरे गांव में दवा का छिड़काव कराया गया साफ-सफाई के ताल्लुक से जागरूकता फैलाई गई।
सफाई कर्मियों और वॉलिंटियर्स ने पूरे गांव में सफाई की। मॉडल विलेज ट्रस्ट, ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन और विजन 2026 के तत्वावधान में अभियान चलाकर गांव में सफाई कर लोगों को जागरूक भी किया गया। इस मौके पर कोऑर्डिनेटर नजीरुल हसन, पूर्व प्रधान साकिब हुसैन फलाई, कुतुब और उनकी पूरी टीम ने सहयोग दिया।