कुंवरगांव (बदायूं)। सहारनपुर से एक युवक को केले की गाड़ी में छिपाकर कुंवरगांव क्षेत्र के ग्राम प्रहलादपुर लाया गया। परिवार वालों ने जब उसकी हालत देखी तो वह युवक को जिला अस्पताल ले गए, जहां करीब आधा घंटे बाद उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत बीमारी से बताई गई है।
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम प्रहलादपुर निवासी मनोज पुत्र सेवाराम (22) गांव में ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करता था। करीब दो माह पूर्व मनोज ने ई-रिक्शा बेच दिया और मजदूरी करने के लिए सहारनपुर चला गया। फिर वहीं केले के एक प्लांट में मजदूरी करने लगा। बताते हैं कि कुछ दिन से उसकी तबीयत कुछ ज्यादा खराब हो गई थी। इस पर परिवार वाले उसे सहारनपुर से लाने की तैयारी में थे। शुक्रवार को कुंवरगांव क्षेत्र का एक ठेकेदार गाड़ी लेकर सहारनपुर केले के प्लांट में पहुंचा था। वहीं से ठेकेदार युवक को केले की गाड़ी में छिपाकर गांव ले आया। पुलिस को पता न चले, इसके लिए युवक के आसपास केले की क्रेटें लगा ली थीं। यह गाड़ी देर रात गांव पहुंची। परिवार वालों ने जब युवक की हालत देखी तो वह दंग रह गए। वह तुरंत एंबुलेंस से युवक को जिला अस्पताल ले गए। करीब आधा घंटा तक उसका इलाज चला। उसके बाद युवक की मौत हो गई। इधर, सूचना पर थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया। दोपहर के समय हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत का कारण बीमारी बताया गया है। उसके दोनों फेफड़े खराब हो गए थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने युवक के शव को परिवार वालों के हवाले कर दिया है।
पांच भाइयों में बड़ा था मनोज
परिवार वालों के मुताबिक युवक कई दिन से बीमार था। उसे बुखार आ रहा था। उसकी नाक पर सूजन आ गई थी। उसकी हालत देखकर घर लाया गया था। वह पांच भाइयों में सबसे बड़ा था। उससे छोटा वीरभान (18), बहन सुदामा (16), अजय (8), प्रताप (6), सुखपाल (4) और मां सावित्री है।
युवक लॉकडाउन से पहले सहारनपुर चला गया था। तभी उसकी तबीयत खराब हो गई थी। शुक्रवार रात परिवार वाले किसी तरह युवक को अपने गांव ले आए। उसकी हालत ज्यादा खराब थी। जिससे उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। युवक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। - प्रमोद कुमार, इंस्पेक्टर कुंवरगांव