प्रदेश के खेलमंत्री चेतन चौहान बुधवार को आक्रामक दिखे। अखिलेश यादव सरकार के कार्यों को उन्होंने आधा-अधूरा करार दिया। लखनऊ में मेट्रो ही नहीं बल्कि एक्सप्रेस-वे पर यह कहकर चुटकी ली कि कौन सा काम उन्होंने पूरा करके दिखा दिया। अपराध का ग्राफ भी तेजी से बढ़ता जा रहा था। थानों में पीड़ितों की सुनवाई नहीं होती थी। योगी आदित्याथ की सरकार बनी तो इस पर अंकुश लग गया। बोले, हर स्तर पर प्रदेश सरकार बेहतर काम कर रही है।
प्रदेश के खेलमंत्री चेतन चौहान ने एमजीपी कॉलेज के मैदान पर खिलाड़ियों को पुरस्कृत करने से पहले पत्रकारों से बात की तो उनका अंदाज क्रिकेटर कम, राजनीतिक ज्यादा नजर आया। योगीराज के श्वेत पत्र पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की खिल्ली को उन्होंने कुछ इस तरह बयां किया- समझ में नहीं आता कि उन्हें परिवर्तन नजर क्यों नहीं आ रहा है। जनता राहत महसूस कर रही है। थानों-तहसील में जो चलता था, वह पूरी तरह बंद हो चुका है। चौहान ने ही सवाल दागा कि आप ही बताइए कि मेट्रो से लेकर एक्सप्रेस-वे तक कौन सा काम पिछले सरकार ने समय रहते पूरा करा दिया। देखा होगा कि पिछली सरकार में किसी भी महकमे में भर्ती हुआ करती थी तो उसमें चार-छह जिलों के युवकों को ही मौका मिल पाता था। अब, यह सब नहीं चलेगा।
उन्होंने खेल प्रतिभागियों को तराशे जाने और संसाधन मुहैया कराने को एक ऐसा कदम बताया जो आगे चलकर नए खिलाड़ियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बोले, खेल मंत्रालय ने गांवों की प्रतिभागियों को मौका देने के लिए जो योजना बनाई है उसके तहत हर जिले में सौ-सौ गांवों को चिह्नित कर वहां के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया जाएगा। गांवों में भी खेल आयोजन होंगे। आईपीएल में मैच फिक्सिंग के सवाल पर उन्होंने बताया कि ऐसा अब नहीं होगा। पिछले तीन साल में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। जो मामले पहले के थे, उन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। ऐसी किसी भी करतूत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो क्रिकेट को शर्मसार करे।