बदायूं। शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की आराधना की गई। भक्तों ने व्रत रखकर पूजन-अर्चन किया और सुख-समृद्धि की कामना की। जिले के प्रमुख मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया।
शहर के पास स्थित देवी शक्ति पीठ नगला मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। मंदिर के बाहर लंबी कतार लगी रही। भक्त अपनी बारी का इंतजार करते रहे और दर्शन कर मनौतियां मांगीं। मंदिर कमेटी ने सुबह पांच बजे ही कपाट खोल दिए थे। वहीं, भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई। ओवरब्रिज के नीचे स्थित माता रानी के मंदिर पर भी दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। घरों में भी लोगों ने घट स्थापना कर मां का पूजन किया।
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भजन-कीर्तन के साथ निकाली प्रभात फेरी
फोटो-37
दहगवां। नवरात्र के पहले दिन ग्राम देवी मंदिर पर प्रभात फेरी का आयोजन हुआ। भक्तगण कादराबाद स्थित मां कालका मंदिर से जोत लेकर ग्राम देवी मंदिर पहुंचे और इसके बाद प्रभात फेरी निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की धुन पर भक्त नाचते-गाते चले। प्रभात फेरी मुख्य बाजार, यादव बस्ती, वार्ष्णेय मोहल्ला और सुनार गली से होती हुई ग्राम देवी मंदिर पर समाप्त हुई। महिलाओं ने छतों से पुष्प वर्षा की। इस मौके पर पंडित प्रदीप शर्मा, पूर्व प्रधान मयंक गुप्ता, नमित गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
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माता रानी के मंदिर पर उमड़ी भीड़
उघैती। शारदीय नवरात्र शुरू होते ही बदायूं-बिजनौर मार्ग स्थित माता रानी मंदिर पर भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने घरों में कलश स्थापना कर मां शैलपुत्री की पूजा की। राधा कृष्ण मंदिर के महंत आचार्य देवेश द्विवेदी ने बताया कि पर्वतराज हिमालय की पुत्री पार्वती का स्वरूप ही मां शैलपुत्री हैं। संवाद
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पौराणिक दुर्गा मंदिर पर गूंजे जयकारे
उसावां। नवरात्र के पहले दिन ही पौराणिक दुर्गा माता मंदिर पर सुबह से महिलाओं की भीड़ रही। भक्तों ने गंगाजल चढ़ाकर पूजा की और मंदिर की परिक्रमा की। दोपहर तक गंगाजल चढ़ाने का सिलसिला चलता रहा। इसके अलावा राधेश्याम मंदिर, बाबा लक्कड़ दास खाटू श्याम मंदिर और मनकामेश्वर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी पूजा-अर्चना हुई।
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कलश स्थापित कर किया मां शैलपुत्री का पूजन
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बिल्सी। भक्तों ने अपने-अपने घरों में कलश स्थापित कर मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि मां शैलपुत्री नंदी पर सवार, श्वेत वस्त्रधारी हैं और उनके हाथों में त्रिशूल व कमल सुशोभित हैं। पूजा में धूप, दीप, फल, फूल और सफेद मिठाई अर्पित की जाती है। हनुमानगढ़ी देवी मंदिर पर बड़ी संख्या में भक्त जुटे। यहां मां शैलपुत्री के साथ अन्य देवियों का जलाभिषेक भी हुआ। नगर के अन्य मंदिरों में भी पूजा हुई और कई घरों में बच्चियों को मां दुर्गा का रूप सजाया गया। संवाद
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बहादुर बाबा रनेट में 70वां यज्ञ प्रारंभ
बिसौली। बहादुर बाबा रनेट में पिछले 35 वर्षों से चैत्र और शारदीय नवरात्र पर श्रीमद्भागवत कथा एवं यज्ञ का आयोजन होता आ रहा है। इस बार 70वां यज्ञ भव्यता से शुरुआत रविवार को हो गई। वहीं सोमवार को यज्ञ का संचालन पं. मोहित शास्त्री और पं. शैलेंद्र शास्त्री ने किया। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया। संवाद
बिल्सी में मां दुर्गा के रुप में सजी बच्ची। संवाद- फोटो : अमर उजाला
बिल्सी में मां दुर्गा के रुप में सजी बच्ची। संवाद- फोटो : अमर उजाला
बिल्सी में मां दुर्गा के रुप में सजी बच्ची। संवाद- फोटो : अमर उजाला