बदायूं। होम क्वारंटीन रहने वाले परिवार के सदस्य को प्रदेश सरकार भरण-पोषण भत्ता देने जा रही है। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने सभी जनपदों में होम क्वारंटीन सदस्यों का डाटा मांगा है। सरकार के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन ने जनपद से होम क्वारंटीन लोगों का डाटा एकत्र करके शासन को भेजा है, ताकि इनके खातों में भरण-पोषण की धनराशि आ सके। प्रशासन के अनुसार ऐसे 2460 लोगों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
कोविड-19 ने देश में पैर पसारने शुरू किए तो प्रधानमंत्री ने 25 मार्च को लॉकडाउन लागू कर दिया था। शुरुआत में देशभर में काफी सख्ती रही। सभी प्रकार के वाहन पूरी तरह से बंद थे। ऐसे में लॉकडाउन-2 के दौरान प्रवासी श्रमिकों ने पैदल ही अपने की ओर रुख कर दिया। हालत ये थी कि सैकड़ों किलोमीटर चलने के बाद में लोग अपने-अपने घरों पर पहुंचे। प्रवासी श्रमिकों की पीड़ा को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों, जनपदों में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों को बुलाने के लिए बसों को चलाया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद कोरोना के लक्षण नहीं मिलने पर उनको निशुल्क राशन देकर होम क्वारंटीन कराया गया। अब प्रदेश सरकार ने सभी जनपदों से उन होम क्वारंटीन प्रवासी श्रमिकों का डाटा एकत्र कराया है। चूंकि ऐसे श्रमिकों के आगे रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इसको देखते हुए सरकार ने इनको एक हजार रुपये भरण पोषण भत्ता देने की योजना बनाई है, ताकि इन्हें कोई परेशानी न हो। निर्देशों के क्रम में अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व नरेंद्र बहादुर के नेतृत्व में टीम होम क्वारंटीन लोगों का डाटा एकत्र किया जा रहा है। एडीएम एफआर के अनुसार जनपद में 2460 प्रवासी श्रमिक होम क्वारंटीन है, जिनको फिलहाल योजना का लाभ मिलेगा। होम क्वारंटीन लोगों के बैंक अकाउंट, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज की जानकारी जुटाई जा रही है।
परिवार के एक सदस्य को मिलेगा भत्ता
अगर एक परिवार का एक सदस्य से अधिक व्यक्ति होम क्वारंटीन हैं तो योजना का लाभ परिवार के एक सदस्य को ही दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि मुखिया की घर की जिम्मेदारी होती है तो उसी को योजना का लाभ दिया जाए। होम क्वारंटीन रहने वाले श्रमिकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन धनराशि का ट्रांसफर करेंगे। धनराशि सीधे श्रमिकों के खातों में जाएगी।
जो लोग जनपद में बाहर से आए हैं और प्रशासन ने जांच के उपरांत उनको होम क्वारंटीन किया है। उन लोगों शासन की तरफ से एक-एक हजार रुपये प्रति परिवार भरण पोषण भत्ता दिया जाएगा। इसको लेकर डाटा एकत्र कर शासन को भेजा जा रहा है।
- नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम एफआर