रानेट पुल में पिलर के लिए बनाया गया सरिये का जाल। संवाद
बदायूं। बिसौली क्षेत्र में सोत नदी पर रानेट गांव में पुराने पुल के पास ही नया पुल बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए पिलर बनाने का काम शुरू हो गया है। इसे डेढ़ साल में पूरा किया जाना है। इसके बनने से 50 हजार से ज्यादा लोगों को फायदा होगा।
रानेट गांव के पास से गुजरी सोत नदी पर सेतु निगम की ओर से पुल बनाने का काम शुरू हो गया है। यह पुल बिसौली, रानेट और आसपास के ग्रामीण इलाकों को जोड़ेगा। ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए शासन ने इस पुल निर्माण को स्वीकृति दी थी। वर्तमान में लोग पुराने संकरे पुल या फिर कई किलोमीटर का चक्कर काटकर दूसरे मार्ग से सफर करने को मजबूर हैं।
नए पुल के बनने से करीब 50 हजार लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। पुल के जरिए न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि व्यापार, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में भी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। किसानों को अपनी फसल मंडी तक पहुंचाने में कम समय और कम खर्च लगेगा, वहीं विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी। सेतु निगम के एक अधिकारी ने बताया कि पिलर बनाने का काम शुरू हुआ है, लेकिन बीच-बीच में हो रही बारिश की वजह से काम तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। इस पुल का काम डेढ़ साल में पूरा होना है। 120 मीटर लंबे पुल में पांच पिलर बनाए जाएंगे। इसकी लागत 16 करोड़ रुपये आएगी।
50 गांवों के लोगों को मिलेगी राहत
- इस पुल के माध्यम से बिसौली कस्बे में करीब 50 से अधिक गांवों के लोगों का आना जाना रहता है। साथ ही पुल से रोजाना करीब 10 हजार से ज्यादा छोटे- बड़े वाहन गुजरते थे। यह रास्ता बिसौली होते हुए कछला की तरफ जाता है। भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया था। तब से 18 से 45 किलोमीटर का चक्कर काटकर लोग अपने गंतव्य पर पहुंच रहे हैं, लेकिन पुल निर्माण शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
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