नगर के मुख्य बाजार में ट्रिपल तलाक और सिविल कोड में छेड़छाड़ न करने की मांग को लेकर मुस्लिम महिलाओं ने शरीयत बचाओ के बैनर और तख्तियां लेकर नगर में जुलूस निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद हजरत शाह सकलैन मियां की सरपरस्ती में शरीयत बचाओ कांफ्रेंस का आयोजन किया और एसडीएम दातागंज हरीराम यादव को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया गया।
ऑल इंडिया उलेमा व मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हजरत मौलाना सय्यद मोहम्मद अशरफ ने कहा कि तीन तलाक और सिविल कोड के आदेश किसी हालत में मंजूर नहीं होंगे। अगर ऐसा हुआ तो देश में भाईचारा और विकास की रफ्तार में कमी आएगी। इसलिए हुकूमते हिंद को चेतावनी देते हैं कि सरकार ऐसी हरकतों से बाज आए। कहा, यह शरीयत का मामला है। हम शरीयत के लिए गर्दन कटा सकते हैं, लेकिन इलाही कानून को नहीं बदला जा सकता है। कहा, मुल्क के मुसलमान अगर अपने पर्सनल लॉ एवं शरीयत के मुताबिक काम कर रहें हैं, तो सरकार को क्यों परेशानी हो रही है, जो बेवजह शरीयत में दखलंदाजी कर रही है।
हजरत शाह सकलैन एकेडमी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हाजी मुमताज मियां सकलैनी ने कहा कि कोई भी हुकूमत शरीयत के बनाए कानून को नहीं बदल सकती। इस दौरान बोर्ड के जिलाध्यक्ष मौलाना रिफाकत सकलैनी, मुफ्ती फहीम अजहरी, बोर्ड सचिव हाफिज जमीर अहमद सकलैनी, हाफिज आमिल सकलैनी ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान हजरत शाह सकलैन मियां, हाफिज जमीर सकलैनी, पालिकाध्यक्ष महबूब सकलैनी, मौलाना सिद्दीकी, मौलाना जाफर वामिकी, हाफिज शमीम, मौलाना साकिब फलाही, हामिद राजपूत, अशरफ गुलशन, मुनीफ सकलैनी, गौसी सकलैनी, मुंतखब अहमद आदि मौजूद रहे।