बदायूं। केंद्रीय बजट से कामकाजी महिलाओं को खास उम्मीदें हैं। बढ़ती हुई महंगाई महिलाओं के लिए चुनौती बन गई है। गृहिणी महिलाओं को इस बार उनकी रसोई में गैस सिलिंडर और खाद्य पदार्थों में राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहीं महिलाओं को मानना है कि सरकार को महिलाओं के लिए न्यूनतम वेतन का प्रावधान भी बजट में रखना चाहिए। जिससे उनका शोषण न हो सके। बढ़ती महंगाई का बोझ और काम व परिवार के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती के बीच कामकाजी महिलाएं चाहती हैं कि बजट में उनके लिए विशेष प्रावधान दिया जाए। नौकरीपेशा महिलाओं की मांग है कि उन्हें टैक्स स्लैब में राहत मिले स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाया जाए।
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मोहल्ला पटियाली सराय की रहने वाले किरन बाला पेशे से शिक्षिका हैं उनका कहना है कि महिलाएं घर में और बाहर के खर्चे के लिए सेविंग करके चलती है। बजट में लोगों को सहूलियत मिलने पर जोर दिया जाए।
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मोहल्ला नाहर खां सराय की रहने वाली रजनी का कहना है कि खाद्य पदार्थों एवं रसोई गैस के दाम में कमी आनी चाहिए। जिससे रसोई के बजट का संतुलन बना रहेगा और अन्य जरूरी कार्यों में पैसे का उपयोग किया जा सकेगा।
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मोहल्ला सिविल लाइंस की रहने वाली शिवकुमारी शर्मा ने बताया कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित घरों में प्रयोग होने वाली वस्तुओं पर राहत देनी चाहिए। इससे सभी वर्गों को लाभ मिलेगा।
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मोहल्ला नेकपुर की रहने वाली नीलम आर्य पेशे से शिक्षिका हैं, उनका कहना है कि इस बजट में आम आदमी की जरूरतों को विशेष ध्यान रखा जाए साथ ही महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाए।
रजनी- फोटो : अमर उजाला
रजनी- फोटो : अमर उजाला