फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: राजकीय मेडिकल कॉलेज में महिला का दो बार गलत ऑपरेशन, हालत बिगड़ी, 40 हजार रुपये वसूलने का आरोप

Tue, 26 May 2026 05:01 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के बाद महिला मरीज की हालत बिगड़ गई। उसके परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत ऑपरेशन करने और 40 हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। 
विज्ञापन
पीड़ित महिला मरीज - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक महिला के पित्त की थैली का दो बार गलत ऑपरेशन करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ऑपरेशन के नाम पर 40 हजार रुपये वसूले गए, लेकिन मरीज की हालत सुधरने के बजाय बिगड़ गई। मरीज के पेट में संक्रमण फैल गया है और फेफड़े भी सिकुड़ गए हैं। अब मरीज को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। महिला के आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को कॉलेज में हंगामा किया।

विज्ञापन


हजरतपुर निवासी भोले की पत्नी शोभा चौहान को 14 दिन पहले पित्त की थैली में समस्या के चलते मेडिकल कॉलेज लाया गया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी और बरेली से एमआरआई व अल्ट्रासाउंड भी कराया गया। परिजनों का आरोप है कि एक महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान पेट में डाली गई नली को ज्यादा ऊपर कर दिया। इससे नली आंत में फंस गई और मरीज को एक दिन बाद ही पस आने लगा। 

इसके बाद डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन किया, लेकिन मरीज की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। शाम को जांच के बाद पता चला कि मरीज का फेफड़ा सिकुड़ गया है और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। मरीज के पेट में सड़न फैलने की भी जानकारी मिली है। परिजनों की शिकायत के बाद अधिकारियों ने संबंधित डॉक्टर को निलंबित करने की बात कही है। अब मरीज को बेहतर इलाज के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ऑपरेशन के नाम पर 40 हजार रुपये की वसूली
मरीज के तीमारदार मोहित ने बताया कि पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए उनसे 40 हजार रुपये वसूले गए। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि इस रकम के बदले निजी अस्पताल जैसा बेहतर उपचार मिलेगा। यह रकम दो किस्तों में ली गई, पहले 12 हजार रुपये और फिर 28 हजार रुपये। मोहित का कहना है कि इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद इलाज ठीक से नहीं किया गया। इसके अलावा, कई दवाएं भी बाहर से खरीदने के लिए लिखी गईं।

परिजनों का हंगामा और जांच की मांग
मरीज की बिगड़ती हालत और इलाज में लापरवाही से आक्रोशित परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया। उन्होंने कॉलेज परिसर में धरना प्रदर्शन भी शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीज की जान खतरे में पड़ गई है। वे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, कॉलेज के अधिकारी मामले की जांच-पड़ताल में जुटे हुए हैं।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरूण कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, सीएमएस को मौके पर भेजा। सीएमएस मामले का निस्तारण करा रहे हैं। मरीज को न्याय और उचित उपचार मिलेगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें