आधी-अधूरी तैयारियों के बीच यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं गुरुवार से शुरू हो रही हैं। पहले दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की हाईस्कूल की परीक्षा है। जिले के 106 केंद्रों पर 62,434 परीक्षार्थी हिस्सा लेंगे। डीआईओएस वीना यादव का दावा है कि सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह से दुरुस्त हैं। केंद्र व्यवस्थापक और अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों को नकल रोकने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। हर केंद्र पर दूसरे विद्यालयों के शिक्षक ही ड्यूटी पर रहेंगे। संबंधित विषय का शिक्षक भी ड्यूटी पर नहीं रहेगा। केंद्रों पर बाहरी तत्वों को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स भी रहेगा।
पहली बार फरवरी माह में बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। उसकी वजह है कि एक अप्रैल से नया सत्र हो गया है। शासन की मंशा है कि बोर्ड परीक्षाएं हर हाल में नकलविहीन संपन्न हों। काबिलेगौर हो कि जिले के तमाम केंद्र नकल के लिए हमेशा से बदनाम रहे हैं। वो इस बार भी केंद्र हैं, इसलिए नकल रोकना भी विभाग के लिए टेड़ी खीर होगा। हालांकि डीएम और विभागीय अधिकारियों द्वारा केंद्र व्यवस्थापकों के साथ मीटिंग कर इस बात की हिदायत दे दी गई है कि नकल किसी हाल में नहीं हों।इसके लिए शासन के निर्देशानुसार केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखीं जाएं। सीटिंग प्लान हो गया है।
डीआईओएस वीना यादव ने बुधवार को बताया कि परीक्षाएं गुरुवार से विधिवत रूप से शुरु हो जाएंगी। पहले दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का हिंदी का पेपर है। लिहाजा, सभी छात्र-छात्राएं इसमें शामिल होंगे। जिले में 106 केंद्रों पर 62,434 परीक्षार्थी शामिल होंगे। सभी केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त हो गए हैं। ज्यादातर केंद्रों पर बाहरी विद्यालयों के शिक्षकों को केंद्र व्यवस्थापक और अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बताया कि केंद्र व्यवस्थापकों को इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी केंद्र पर संबंधित विषय से संबंधित शिक्षक ड्यूटी पर नहीं रहेंगे। परीक्षाओं में पूरी तरह से पारदर्शिता रखी जाए।
डीआईओएस ने कहा कि केंद्रों पर बाहरी तत्वों और अभिभावकों को रोकने के लिए पुलिस भी पर्याप्त रहेगी। सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा उनके स्तर से बनाए गए छह सचल दल केंद्रों का दौरा करेंगे। यदि कहीं पर किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो केंद्र व्यवस्थापक को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई अमल में लाई जाएंगी।
रोजाना उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचेंगी जीआईसी
बदायूं। डीआईओएस वीना यादव के अनुसार बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं सभी केंद्रों से शाम तक राजकीय इंटर कालेज पहुंचेंगी। यहीं पर स्ट्रांग रूम बनाया गया है। यहां पर हर समय कर्मचारी तैनात रहेंगे। इसका भी उन्होंने जायजा लिया है। जहां पर व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं।
जमीन पर बैठना पड़ सकता है परीक्षार्थियों को
बदायूं। विभागीय सूत्र बता रहे हैं कि जिले में देहात क्षेत्र में स्थित तमाम केंद्रों पर परीक्षार्थियों को बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था आज तक नहीं हो पाई है। हालांकि यह दावा किया है कि डीआईओएस द्वारा साफ निर्देश दिए गए हैं कि वह फर्नीचर की हरहाल में व्यवस्था कर लें।
बिना कोड की विज्ञानानंद पहुंची कापियां
बदायूं। शहर के विज्ञानानंद इंटर कालेज में बिना कोड की उत्तर पुस्तिकाएं पहुंच गईं। केंद्र व्यवस्थाक के जांच करने पर जब यह बात सामने आई तो उन्होंने तुरंत ही डीआईओएस को बताया। डीआईओएस वीना यादव ने केंद्र व्यवस्थापक को उन उत्तर पुस्तिकाओं को वितरित नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
कक्ष निरीक्षकों की रहेगी कमी
बदायूं। कई केंद्र व्यवस्थापकों ने बताया कि केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की पहले दिन कमी रहेगी। बताया कि जिन शिक्षकों को ड्यूटी पर लगाया गया है उन्होंने अपनी आमद केंद्रों पर नहीं कराई है। इसलिए यह लग रहा है कि पहले दिन कक्ष निरीक्षकों की कमी रहेगी।
बेसिक के 908 शिक्षक मांगे
बदायूं। डीआईओएस वीना यादव ने बेसिक के 908 शिक्षकों को ड्यूटी के लिए मांगा है। इनमें पुरुष शिक्षक 459 और महिला 449 हैं। डीआईओएस ने डीएम को पत्र दिया है।
ट्यूशन के पैसे नहीं दिए तो रोका प्रवेश पत्र
बदायूं। शहर के श्रीकृष्ण इंटर कालेज के हाईस्कूल के संस्थागत छात्र मोहम्मद हसीब ने आज जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलकर आरोप लगाया कि कालेज के एक शिक्षक ने ट्यूशन के पैसे नहीं दिए जाने पर उसका प्रवेश पत्र रोक लिया। डीआईओएस वीना यादव ने तुरंत ही प्रधानाचार्य को प्रवेश पत्र देने के निर्देश दिए। हसीब ने डीआईओएस को दोबारा अवगत कराया कि जब वह प्रवेश पत्र लेना पहुंचा तो प्रधानाचार्य ने यह कहा कि वह लिखकर दें कि वह आगे इस स्कूल से पढ़ाई नहीं करेगा। यह बात सुनकर भी डीआईओएस ने प्रधानाचार्य के प्रति नाराजगी जताई। बाद में छात्र को प्रवेश पत्र दे दिया गया।