क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम के तहत जिले में कंप्यूटर से एफआईआर दर्ज करने का काम तो शुरू हो गया है, लेकिन पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड होने में अभी वक्त लगेगा। मौजूदा समय कंप्यूटर पर काम के साथ कागजी लिखा-पढ़ी भी हो रही है। थानों में कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन, जेनरेटर और ऑपरेटर उपलब्ध हो गए हैं। बावजूद इसके घर बैठे इंटरनेट के जरिए एफआईआर दर्ज कराना अभी मुमकिन नहीं है।
जिले के 21 थाने और एक महिला थाने का कंप्यूटरीकरण हो चुका है। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम के तहत बदायूं में पुलिस महकमे के कंप्यूटरीकरण का काम तीसरे फेज में पूरा होना है। सूबे में अब तक दूसरे फेज का काम ही पूरा नहीं हो सका है। हालांकि थानों में काम शुरू हो गया है, लेकिन ऑनलाइन काम अभी दूर की कौड़ी लग रहा है। जिले के 21 थानों में काम के लिए तीन-तीन तकनीकी विशेषज्ञ और कंप्यूटर ऑपरेटर रखे जाने हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर रिपोर्ट लिखने, जीडी रिकार्ड और नक्शा नजरी दर्ज करने का काम करंगे। हालांकि कुछ थानों में दक्ष पुलिस कर्मियों के जरिए कंप्यूटर पर एफआईआर दर्ज कराकर लोगों को प्रिंटर से निकालकर एफआईआर की कॉपी दी जा रही है मगर एहितयात के तौर पर साथ में कागजी लिखापढ़ी भी कराई जा रही है।
ऑनलाइन सिस्टम से यह होंगे लाभ-
-घर बैठे इंटरनेट से दर्ज करा सकेंगे शिकायत।
- अपराध, अपराधियों की सूचना देना आसान।
- रोजगार, किराएदार, नौकर, वरिष्ठ नागरिकों के सत्यापन और अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगने की सुविधा।
- नेट के जरिये घर बैठे किसी शिकायत या केस की प्रगति जानना।
- नेट से पुलिस से संबंधित विभिन्न फार्र्म और विभाग की जानकारी लेना।
- पुलिस देश भर में एक तरीके से वारदात करने वाले गिरोहों को चिंह्ति कर सकेगी।
सभी थानों में ऑफ लाइन काम शुरू हो गया है। बदायूं तीसरे फेज में है। जल्द ऑनलाइन काम शुरू हो जाएगा। -अनिल यादव, एसपी सिटी (नोडल अधिकारी सीसीटीएनएस)