पिछले एक सप्ताह से पड़ रही हाड़ कंपाने वाली ठंड ने लोगों को मुसीबत में डाल दिया है। बाहर निकलने को पूरी तैयारी करनी होती है। गर्म कपड़े लपेटने के बाद ही लोग घर से निकल रहे हैं। अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहा।
स्कूली बच्चों को संडे का अवकाश होने के कारण सुकून मिला। देरतक रजाई में छिपे बैठे रहे। पूरा दिन गर्म पकवान खाने और चाय पीने में ही बीता। बाजारो में भी रौनक नहीं रही। शीत लहर के कारण बुजुर्गों को भारी परेशानी उठानी पड़ीं। उनकी पूरी दिनचर्या अव्यवस्थित हो गई। गरीबों पर शीत का बेहद असर रहा।
सुबह जबर्दस्त कोहरा के साथ दिन की शुरूआत हुई। दोपहर 12 बजे तक धुंध और कोहरा नहीं छटा। बाद में ठंडी हवाएं चलीं। इससे करीब दो बजे कोहरा छटा एक बजे कोहरा छटा और सूर्य देव के दर्शन हुए लेकिन धूप में कोई दम नहीं थी। शाम को कोहरे और धुंध की चादर फिर फैल गई। इस प्रकार पूरे दिन लोग शीत से लड़ते रहे। रोडवेज और सार्वजनिक स्थानों पर भी भीड़ कम दिखाई दी। ठंडे पड़े अलावों को भी गरीबों को सहारा नहीं मिला।
रेलवे समपार बंद रहा
रेजवे का काम होने के कारण डीएम रोड का समपार बंद रहा। लोगों को आवागमन में खासी परेशानी हुई। लोगों को घूमकर फेरदार रास्ते तय करने पड़े।