शनिवार को भी कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में कैद रहने के लिए मजबूर रखा। दोपहर में हल्की धूप ने जरूर राहत देनी की कोशिश की। लेकिन लुढके पारे और शीत हवाओं ने ठिठुरन को कम नहीं होने दिया। पारा सात डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
सर्द हवाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को हल्की धूप तो दिखी लेकिन उसमें कोई दम नहीं था। गलन, ठिठुरन ने आमजन का जीना दुश्वार कर दिया है। ठंड से बचने के लिए लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। बुजुर्गों की सेहत को दुरस्त रखने के लिए तीमारदार खासा मेहनत कर रहे हैं। अलावा के साथ, कोयला, हीटर का प्रयोग कर ठंड में राहत लेने की कोशिश की जा रही है। सूरज की हल्की किरण भी राहत नहीं दे पा रही है। न्यूनतम पारा सात और अधिकतम 14 डिग्री सेल्सियस रहा। गरीबों और असहायों को चौराहों पर जलवाए जाने वाले अलावा का सहाना लेना पड़ रहा है। सर्दी और बढ़ने के आसार के चलते लोग इससे बचने के उपाय ढूंढ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मजदूरी कर पेट पालने वालों उठानी पड़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो सर्दी और बढ़ने के आसार हैं। कोहरे की संभावना भी अधिक है।