पिछले एक सप्ताह से कोहरे और शीतलहर के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ठंड की वजह से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक कोहरा छाया रहा। शीतलहर भी चलती रही। दोपहर को निकली धूप से लोगों को कुछ राहत तो मिली, लेकिन ठिठुरन बरकरार रही।
भीषण ठंड से बेहाल लोगों के लिए रविवार का दिन कुछ राहत भरा रहा, हालांकि तापमान में कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई। धूप निकलते ही लोग घरों से बाहर निकले। बाजारों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर अन्य दिनों की अपेक्षा कुछ चहल-पहल बढ़ गई। करीब सप्ताह भर से शीतलहर, कोहरे से लोग परेशान हो गए थे। लगातार कई दिनों तक धूप न निकलने से पारा लुढ़ककर न्यूनतम 5.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मौसम के इस मिजाज से लोग कांप उठे थे। जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया था, लेकिन रविवार को मौसम ने पलटी मारी और नजारा बदल गया। सुबह हल्के कोहरे के साथ दिन की शुरुआत हुई, लेकिन साढ़े आठ बजे के बाद धूप निकलना शुरू हो गई, जो दिनभर रही। मौसम साफ होने का असर रोजगार, कारोबार, काम धंधों पर दिखाई दिया। अन्य दिनों की अपेक्षा बाजारों रौनक देखने को मिली।
चिकित्सक की राय
सरकारी अस्पताल से रिटायर फिजीशियन डॉ. अरुण यादव के मुताबिक मौसम में अभी दिन रात के तापमान में काफी अंतर रहने की वजह से कई प्रकार की संक्रामक बीमारियां जल्दी फैलती है। इसी प्रकार वाइरस से जुड़े रोगों का भी प्रसार होता है। इन दिनों बच्चों, बुजुर्गो व पहले से कई प्रकार की बीमारियों से प्रभावित मरीजों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। विशेषकर हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, एलर्जी, दमा, श्वास, अस्थमा, फेफड़ों की बीमारियों से प्रभावित मरीजों के प्रति सजग रहना जरूरी है। हमें अपने घरों और आसपास सफाई पर ध्यान देनी की जरूरत है। खुले में बाहर जाते समय शरीर के सभी अंगों को गर्म कपड़ों से ढककर निकलना चाहिए।