बदायूं। एशियाई खेलों में बुधवार का दिन भारतीय तीरंदाजी के लिए ऐतिहासिक रहा। कंपाउंड तीरंदाजी में भारत ने महिला-पुरुष और मिश्रित टीम तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर क्लीन स्वीप किया। एक ही दिन तीन स्वर्ण जीतने की खबर से देशभर के साथ-साथ बदायूं के खेल प्रेमियों में भी उत्साह है।
भारत की इस शानदार जीत का असर बदायूं स्पोर्ट्स स्टेडियम में साफ देखने को मिला। बृहस्पतिवार की सुबह से ही स्टेडियम में अभ्यास के लिए पहुंचे तीरंदाजों में जश्न का माहौल रहा। महिला और पुरुष खिलाड़ी समूह में बैठकर एशियाई खेलों के फाइनल मुकाबलों के बारे में चर्चा करते नजर आए। सीनियर खिलाड़ी जूनियर्स को प्रतिस्पर्धा की तकनीक और मानसिक मजबूती के बारे में बता रहे थे।
जिला क्रीड़ा अधिकारी अमित रिछारिया ने बताया कि कंपाउंड वर्ग में भारत की यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। बदायूं जिले में भी तीरंदाजी में कई प्रतिभाएं उभर रही हैं, जो जिला और मंडल स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। कोच राजा बाबू ने कहा कि इस जीत से तीरंदाजी खेल को नया आयाम मिलेगा और अधिक युवा इस खेल से जुड़ेंगे।
खिलाड़ियों ने जताई खुशी
भारत के स्वर्ण जीतने से हौसला बढ़ा है। अब वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं। - वैशाली, खिलाड़ी
देश में जब खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता तो बड़ा अच्छा लगता है, गोल्ड मिलने हौसला और बुलंद हो जाता है। - नीतू, खिलाड़ी
सपना है कि इसी तरह मैं भी देश के लिए स्वर्ण पदक जीत सकूं। इसके लिए नियमित अभ्यास कर रही हूं। -रिया, खिलाड़ी
इस बार एशियाई खेलों में देश के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। तीरंदाजी में स्वर्ण जीतने पर उन्हें सबसे ज्यादा खुशी हुई। - लक्ष्य भारद्वाज, खिलाड़ी
वैशाली, खिलाड़ी
वैशाली, खिलाड़ी
वैशाली, खिलाड़ी