बदायूं। सेवा और श्रद्धा की अनूठी मिसाल उसावां थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा जलालपुर में देखने को मिलेगी। गांव के 31 युवाओं ने बुजुर्ग दादी कमलेश देवी (90) की इच्छा पूरी करने का संकल्प लिया है।
दादी कमलेश देवी की कछला गंगा घाट पर स्नान करने की इच्छा थी। उम्र और स्वास्थ्य के कारण उनका वहां तक जाना संभव नहीं था। इस पर गांव के सर्वेंद्र, सुरेंद्र, राकेश, रोशन, नितिन, मोनू सहित 31 लोगों ने योजना बनाई। युवक कछला गंगा घाट से 12 कलशों में कुल 131 लीटर जल लेकर पैदल गांव जा रहे हैं।
लगभग 85 किलोमीटर की दूरी बिना रुके तय कर सोमवार को सूर्योदय से पहले गांव पहुंचेंगे। इसके बाद गांव के शिव मंदिर में दादी को बैठाकर वहीं गंगा जल से स्नान कराया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि बुजुर्गों की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है। इस पहल से गांव में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। लोगों का मानना है कि 31 युवाओं की यह मेहनत और समर्पण समाज के लिए प्रेरणा बनेगा।
दातागंज से कछला तक निकाली गई कांवड़ यात्रा
दातागंज। शनिवार को दातागंज क्षेत्र से कछला तक कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा का सबसे पहले अरेला मोहल्ले में मुस्लिम समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद मंदिरिया चौराहे पर वाल्मीकि समाज की ओर से स्वागत किया गया। दातागंज के मुख्य चौराहे पर व्यापारियों ने जेसीबी के माध्यम से कांवड़ यात्रा पर पुष्पवर्षा की।
इस दौरान कलाकारों की प्रस्तुतियों ने माहौल में भक्ति के साथ सांस्कृतिक रंग भर दिया। इससे पहले कांवड़ यात्रा का शुभारंभ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप व डॉ. शैलेश पाठक ने किया। कार्यक्रम में राकेश वर्मा, मनोज सोलंकी, आकाश वर्मा, रमेश कश्यप, सुधीर अग्निहोत्री, शिवम् पांडे आदि मौजूद रहे। संवाद
डीएम-एसएसपी ने कांवड़ मार्ग का किया निरीक्षण
बदायूं। कांवड़ यात्रा को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बरेली-बदायूं बॉर्डर से जनपद में प्रवेश करने वाले कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, प्रकाश और कांवड़ियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। डीएम और एसएसपी ने बदायूं से बिनावर होते हुए बरेली बॉर्डर तक स्थापित कांवड़ सहायता शिविरों का भी निरीक्षण किया। शिविरों में पेयजल, विश्राम, प्रकाश, सफाई और चिकित्सा सुविधाओं की जांच की। संवाद
बुजुर्ग दादी को स्नान कराने के लिए जल ले जाते कांवड़िए। संवाद
बुजुर्ग दादी को स्नान कराने के लिए जल ले जाते कांवड़िए। संवाद