जिलाधिकारी ने ब्लाक म्याऊं के ग्राम सैदपुर में गांववासियों को खुले में शौच जाने से होने वाली बीमारियों के संबंध में जागरूक किया। डीएम सीपी त्रिपाठी ने गांव में शौचालय की नींव रख संदेश दिया कि यदि दृृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कोई कार्य किया जाए तो अवश्य सफलता मिलती है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए परिषदीय स्कूलों के बच्चे अहम भूमिका निभा सकते हैं। स्कूलों में बच्चों से संकल्प कराया गया कि वे न तो खुले में शौच जाएंगे और न ही अपने परिवार के किसी सदस्य को जाने देंगे। खुले में शौच जाने से न केवल वातावरण दूषित होता है, बल्कि पेयजल, हवा और खेती में उगने वाली सब्जियों के माध्यम से गंदगी पेट में जाती है।
सैदपुर में कुल 330 परिवार हैं, जिसमें 255 परिवारों में पहले से ही शौचालय बने हुए हैं। शेष 75 परिवारों में चालू माह के अंत तक शौचालय बन जाने के पश्चात ग्राम सैदपुर पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त हो जाएगा। गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए जिलाधिकारी ने गांव के ही लोगों की समिति बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस दिन गांव का एक भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं जाएगा, उस दिन ग्राम प्रधान सहित पूरी समिति के लोगों को सम्मानित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि गांव में जो व्यक्ति गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं, उनको आर्थिक सहायता देकर शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। कार्यक्रम में एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेंद्र प्रसाद यादव, एसडीएम दातागंज ओपी तिवारी भी मौजूद रहे।
गोष्ठी में प्रभारी डीपीआरओ राजेश यादव ने बताया कि प्रथम चरण के रूप में 25 गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने को प्रयास जारी हैं। वर्ष के अंत तक पचास प्रतिशत गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा।