फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: गोली मारकर पति की हत्या करने वाली पत्नी को आजीवन कारावास

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू की कोर्ट ने गोली मारकर कारोबारी पति दीनदयाल की हत्या करने के मामले में आरोपी पत्नी पूजा उर्फ कमलेश उर्फ मधु निवासी ग्राम भूड़ा भदरौल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी देना होगा।
विज्ञापन

कादरचौक थाना क्षेत्र के भूड़ा भदरौली निवासी आराम सिंह पुत्र होरीलाल ने थाने में दी तहरीर में कहा था कि 8 जनवरी, 2021 की रात में उसका भाई दीनदयाल (45) घर में सोया हुआ था। देर रात दस बजे बिस्तर पर ही किसी ने दीनदयाल को गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर दीनदयाल की पत्नी पूजा उर्फ कमलेश उर्फ मधु ने शोर मचाया। जिस पर वह और परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। तब घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था।
दरवाजा खुलवाकर हम लोग घर के अंदर गए तो देखा कि भाई दीनदयाल चारपाई पर रजाई ओढ़े पड़ा था। सिर में गोली लगी थी। खून निकल रहा था। पीछे का दरवाजा खुला था। इसके बाद 112 डायल पर सूचना दी। 112 पुलिस की गाड़ी से ही दीनदयाल को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

पुलिस ने 9 जनवरी 2021 को अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने घटनास्थल से मृतक द्वारा ओढ़ी गई रजाई आदि के खूनलूदा व सादा टुकड़ों को कब्जे में लिया। जांच शुरू की। गवाहों के बयान दर्ज किए गए। उसमें बबलू यादव का नाम सामने आया। बबलू यादव को गिरफ्तार कर उसके पास से घटना में प्रयुक्त तमंचा व कारतूसों की बरामदगी कर ली गई।
पुलिस ने विवेचना के बाद बबलू यादव और पूजा उर्फ कमलेश उर्फ मधु के विरुद्ध आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में गवाहों और साक्ष्यों को रखा। कोर्ट ने गवाहों, साक्ष्यों को सुनने के बाद आरोपी पूजा उर्फ कमलेश उर्फ मधु को दोषी करार देते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी महिला को तीन माह अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।



इसलिए कोर्ट ने पत्नी पूजा को माना दोषी
कोर्ट ने आदेश में कहा है कि विश्लेषण से यह साबित होता है कि घर पर केवल अभियुक्त पूजा और दीनदयाल ही थे। इसमें पूजा जीवित रही और दीनदयाल की गोली लगने से हत्या हो गई। साक्षीगण घर आए तो घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। इससे यह भी संभावना नहीं थी कि घर के अंदर कोई अन्य व्यक्ति घुसा या घुसकर बाहर चला गया। यदि ऐसा भी होता तो अन्य व्यक्ति घर के अंदर प्रवेश करके वापस चला गया होता तो पूजा उसके जाने के बाद घर का दरवाजा अंदर से बंद नहीं करती। उसी समय शोर मचाती, लेकिन घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद होने से यही संदर्भ आएगा कि जब अन्य कोई व्यक्ति घर के अंदर नहीं है तो हत्या पूजा ने ही की है। इसका खंडन न तो प्रतिपरीक्षा में और न ही कोई सफाई साक्ष्य देकर किया गया। पूजा हत्या के अपराध के लिए दोषी है। आरोपी बबलू यादव हत्या और आर्म्स एक्ट में दोषी साबित नहीं होता है। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी बबलू यादव को दोषमुक्त कर दिया।




दीनदयाल ने की थी दूसरी शादी
केस में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले आराम सिंह ने अपनी गवाही में कोर्ट को बताया था कि वह और दीनदयाल अलग-अलग घर में रहते हैं। दीनदयाल की पहली पत्नी सर्वेश से दो बेटियां थीं। दीनदयाल ने उसे छोड़ दिया था। दूसरी शादी पूजा से की। उससे दीनदयाल के दो बच्चे भी हैं।


15-16 साल बड़े दीनदयाल से पूजा ने की थी कोर्ट मैरिज
कोर्ट में तेज बहादुर ने गवाही दी कि घटना से करीब 12 साल पहले दीनदयाल ने पूजा से कोर्ट मैरिज की थी। दोषी पूजा ने अपने से 15-16 साल बड़े दीनदयाल से शादी की थी। दीनदयाल कारोबारी थे। उनकी दुकानें थीं, जो किराये पर उठी थीं। उन्हीं दुकानों में बबलू यादव की मोबाइल और रिपेयरिंग की दुकान थी। पूजा भी कभी-कभी दीनदयाल की दुकान पर आकर बैठ जाती थी। गवाह तेज बहादुर ने पूजा और बबलू के बीच प्रेम प्रसंग बताया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें