होमगार्ड शंकरलाल की मौत को लेकर पसोपेश के बीच रविवार को राजस्व विभाग के निरीक्षक ने सप्ष्ट कर दिया कि मृतक के चार बीघा खेत में गेहूं था। अगर नुकसान के सदमे में मौत हुई, तो घरवालों ने शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया।
राजस्व निरीक्षक जुगेंद्र सिंह लेखपाल के साथ रविवार को फिर सरौरा पहुंचे। उन्होंने होमगार्ड शंकरलाल की मौत की वजह जानने को सच्चाई का भी पता लगाया। बोले, होमगार्ड शंकरलाल के चार बीघा खेत में गेहूं था। बरसात के बाद नुकसान का आकलन करने को राजस्व टीम पिछले दिनों जब इलाके में पहुंची, तो शंकरलाल के खेत में गेहूं की फसल में नुकसान को सर्वे में शामिल कर लिया गया था। सूची में भी उसका नाम शामिल है। अब, उसकी पत्नी त्रिलोकी देवी को गेहूं में नुकसान का चेक मिलेगा।
बता दें कि शुक्रवार रात सरौरा निवासी होमगार्ड शंकरलाल की मृत्यु हो गई थी। मृतक के बेटे मुकेश ने गेहूं की फसल में नुकसान के सदमे से मौत बताकर शिकायत की थी। हालांकि राजस्व विभाग की ओर से निरीक्षक जुगेंद्र सिंह ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराके मौत की वजह का पता लगाने का सुझाव मुकेश को दिया था, लेकिन घरवालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। अब, सवाल उठाया जा रहा है कि शंकरलाल की मौत सदमे में हार्टअटैक से हुई, तो शव को पोस्टमार्टम कराने से गुरेज क्यों किया?