-मढैया गांव में निरीक्षण के बाद डीएम ने डीपीआरओ को डांटा
-स्वच्छ भारत मिशन के शौचालयों का निर्माण आधा-अधूरा
स्वच्छ भारत मिशन में लक्ष्य के मुताबिक शौचालयों के निर्माण के लिए सरकार ने भले ही समय से पैसा उपलब्ध करा दिया लेकिन पंचायत राज विभाग ने इस कदर सुस्ती से काम किया कि पूरा वित्तीय वर्ष बीत गया लेकिन अब भी उझानी ब्लॉक में 320 शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया है। पैसा लेकर अफसरों के चुपचाप बैठे रहने का खुलासा शनिवार को डीएम के निरीक्षण में भी हो गया। डीएम पवन कुमार ने उझानी ब्लाक के मढ़ैया गांव में स्वच्छ भारत मिशन के शौचालय के निर्माण की स्थिति जानने को स्थलीय निरीक्षण किया तो पाया कि अब भी सारे शौचालय नहीं बनाए गए हैं।
डीएम ने मौके पर ही डीपीआरओ से पूछा कि उझानी ब्लाक में कितने शौचालयों का निर्माण करने का लक्ष्य था? बताया गया- एक हजार का लेकिन अब तक सिर्फ 680 शौचालय की बने हैं, 320 शौचालयों का निर्माण अब भी नहीं हुआ है। इस पर डीएम ने डीपीआरओ से पूछा- बाकी शौचालय का निर्माण कब तक कराओगे? डीपीआरओ चुप्पी साध गए तो डीएम ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि अगर 31 मार्च तक शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है तो कार्रवाई के लिए तैयार रहिए। उन्होंने उझानी के बीडीओ और एडीओ पंचायत के प्रति भी नाराजगी जताई। डीएम ने मढ़ैया गांव में ग्रामीणों को शौचालय का शत-प्रतिशत उपयोग करने को प्रेरित किया। खुले में शौच के नुकसान भी बताए। गांव में नियमित साफ-सफाई न होने पर पंचायत सफाई कर्मी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उधर, पूरे जिले में ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय के निर्माण का लक्ष्य अब भी अधूरा है, जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज 10-12 दिन बाकी हैं। ऐसे में डीपीआरओ सारे शौचालयों का निर्माण कैसे करा पाएंगे, यह बड़ा सवाल है। जाहिर है कि वित्तीय वर्ष का लक्ष्य पूरा होना आसान नहीं है।