कुंवरगांव। बिहारी की गौटिया के बांकेलाल हत्याकांड में प्रयोग गड़ासा विधि विज्ञान प्रयोगशाला बरेली भेजा गया है। इसी गड़ासे से गर्दन काटकर बांकेलाल की हत्या की गई थी। जब आरोपियों से गड़ासा बरामद हुआ था, तब उस पर मृतक का खून लगा था। खून बांकेलाल का है या नहीं इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच में होगी।
थाना क्षेत्र के गांव बिहारी की गौटिया में 12 फरवरी की रात मुकद्दम उर्फ बांकेलाल की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। दूसरे दिन उसके ही खेत में ट्यूबवेल के सामने बांकेलाल का शव पड़ा मिला था। हालांकि मौके पर गड़ासा बरामद नहीं हुआ था। इस संबंध में बांकेलाल के भाई राजपाल ने अपने गांव के चार लोगों को नामजद कराया था। 21 फरवरी को पुलिस ने बांकेलाल हत्याकांड का खुलासा किया था।
इसमें भैंसामई निवासी फाजिल, कैली निवासी पूजा और दुगरैया निवासी जाबिर पकड़ा गया था। तीनों आरोपियों ने कबूला था कि यह हत्या गांव के हाकिम ने कराई थी। उसने बांकेलाल की हत्या करने की सुपारी दी थी। 21 फरवरी को तीनों आरोपी जेल भेज दिए गए थे। इसके पांच दिन बाद हाकिम पकड़ा गया था।
पुलिस ने हत्यारोपियों से आला कत्ल गड़ासा बरामद किया था। अब उसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला बरेली भेजा गया है। इंस्पेक्टर राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि गड़ासा जांच को भेजा गया है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी।