नगर पालिका की बोर्ड बैठक में शुक्रवार को वही हुआ, जिसका अंदेशा जताया जा रहा था। बैठक में न तो चेयरपर्सन फात्मा रजा पहुंचीं और न ही 20 वार्ड मेंबर बोर्ड बैठक में पहुंचे। इससे मजबूरी में बैठक को दोबारा स्थगित करना पड़ा। इससे सफाई कर्मियों की उम्मीदों को फिर से झटका लगा है। साथ ही शहर के विकास कार्यों के लिए इंतजार बढ़ गया।
नवरात्र में सफाईकर्मियों की हड़ताल की वजह से नगर पालिका की बोर्ड बैठक तीन अक्तूबर को बुलाई गई थी, जिसमें महज सात वार्ड मेंबर शामिल हुए थे। इस वजह से चेयरपर्सन फात्मा रजा और प्रभारी अधिशासी अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट श्रीराम यादव ने बैठक को स्थगित करके सात अक्तूबर को दोबारा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में भी नगर पालिका के 20 वार्ड मेंबरों और चेयरपर्सन ने प्रतिभाग नहीं किया, जबकि प्रभारी ईओ वार्ड मेंबरों के इंतजार में बैठे रहे। इस बारे में प्रभारी ईओ ने बताया कि कोरम पूरा न होने की वजह से बैठक को स्थगित कर दिया गया है।
नगर पालिका परिषद के पदेन सदस्य सदर विधायक आबिद रजा पालिका की बोर्ड बैठक में पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह बैठक शहर की सफाई से जुड़ी है। इसलिए जिम्मेदार वार्ड मेंबरों को आना चाहिए था। बैठकों में न आकर वे जनता के लिए परेशानी कर रहे हैं। बोले, कि कोरम पूरा न होने की वजह से चेयरपर्सन फात्मा रजा बैठक में नहीं आईं। कोरम पूरा होता तो वह जरूर प्रतिभाग करतीं।
इस दौरान वार्ड मेंबर अशफाक अली, दीपमाला, अमर सिंह, हबीब, सुमित, अबु बक्र, अनामिका शुक्ला, शवाब अली, जीनत बी, आसमा बेगम, रजनीश बाबू, उपाध्याय बाबू, आवेश कुमार, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
सियासी माहौल में तल्खी को देखते हुए नगर पालिका की बोर्ड बैठक में सुरक्षा के लिहाज से कोतवाली पुलिस को तैनात कर दिया गया था। कोतवाली इंस्पेक्टर एसपी उपाध्याय समेत कई सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल मौजूद रहे। हालांकि बोर्ड बैठक स्थगित होने की वजह से उनकी जरूरत नहीं पड़ी।
ईओ को नगर सफाई का दिखाया आइना
बदायूं। पालिका बोर्ड बैठक के दौरान ऊपरपारा के वार्ड मेंबर अबु बक्र ने प्रभारी ईओ को नगर सफाई का आइना दिखाया। अबु बक्र ने शहर के दो बड़े नालों के टूटे होने की जानकारी दी। साथ ही कहा कि ऊपरपारा नई बस्ती में डूबकर मरे बच्चे का जिक्र भी किया। कहा कि, पालिका की गलती से बच्चे की जान गई थी। बच्चे का शव मिलने वाले दिन भी तीन लोग नाले में गिर गए थे, जिन्हें बहुत मुश्किल से निकाला गया।