बदायूं। पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी किए जाने के बाद भाजपा में शुरू हुई रार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को नाम वापसी पर सभी की नजरें लगी हुई हैं। दरअसल, जिला पंचायत सदस्य पद के लिए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव, पूर्व राज्यमंत्री भगवान सिंह शाक्य की बेटी और शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य की बहन ने भी पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनने को आवेदन किया था। इन दोनों को पार्टी ने मौका नहीं दिया। इसके बाद दोनों ने पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ ही पर्चा दाखिल कर दिया था।
भाजपा की ओर से सभी 51 सीटों पर अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। जिले में 51 सीटों पर 368 भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशी बनने के लिए आवेदन किया था। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव, पूर्व राज्यमंत्री भगवान सिंह शाक्य की बेटी अनीता शाक्य को पार्टी ने मौका नहीं दिया। इसके साथ ही पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य की पत्नी रेखा शाक्य, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव की पत्नी वर्षा यादव को प्रत्याशी बना दिया। नामांकन के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को पूनम यादव ने डकारा पुख्ता और अनीता शाक्य ने जगत सीट से नामांकन दाखिल कर दिए। डकारा पुख्ता से भाजपा ने अनीता देवी और जगत से मनोज मादी को प्रत्याशी बनाया था। पूनम और अनीता के नामांकन दाखिल करने के साथ ही भाजपा खींचतान शुरू हो गई।
जिन दिन दोनों लोगों ने नामांकन दाखिल किए थे, उस दिन भाजपा जिलाध्यक्ष ने पार्टी हाईकमान से बात करने की बात कही थी। यह भी कहा था कि नामांकन वापसी से पहले साफ हो जाएगा कि कौन चुनाव मैैदान में रहेगा। शनिवार को इस पर स्थिति साफ नहीं हो सकी। भाजपा की बैठकें चलती रहीं और जिलाध्यक्ष अशोक भारती ने फोन ऑफ कर दिया। रविवार को नाम वापसी से पहले स्थिति साफ न होने के कारण भाजपा कार्यकर्ता भी असमंजस में हैं।
डकारा पुख्ता और जगत सीट को लेकर पार्टी में विचार चल रहा है। पार्टी पूरी तरह से एकजुट है। नाम वापसी से पहले दोनों सीटों को लेकर सहमति बन जाएगी। एकजुटता से चुनाव लड़ा जाएगा।
- हरीश शाक्य, निवर्तमान जिला संयोजक पंचायत चुनाव, भाजपा