जिला गन्ना अधिकारी से बात करते किसान। स्रोत वीडियोग्रैब
बदायूं/सिलहरी। गन्ना सेंटरों की जांच को आए जिला गन्ना अधिकारी से अपने भुगतान की मांग करना किसानों को भारी पड़ गया। किसानों का आरोप है कि गन्ना अधिकारी के निर्देश पर अब उनकी सट्टे की पर्ची लॉक कर दी गई है। ऐसे में वह अपना गन्ना अब क्रय केंद्र पर नहीं दे पाएंगे। उन्होंने अधिकारियों पर चीनी मिल प्रबंधक से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए केंद्र पर हंगामा किया।
रविवार को गन्ना किसान लखनपुर निवासी सतीश सिंह, विजेंद्र सिंह समेत अन्य लोग जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल से मिले और भुगतान संबंधी समस्या से अवगत कराया। जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि पुराना भुगतान हो गया है, इस बार का भुगतान भी जल्द दिलवा देंगे। इस पर किसानों ने अपनी समस्या रखी तो उन्होंने मौजूद कुछ किसानों के नाम और नंबर अपने हाथ पर लिख लिए।
आरोप है कि शाम को जब किसानों ने और गन्ना डालने के लिए अपनी पर्ची लेने का प्रयास किया तो सट्टा पर्ची नहीं कट पा रही थी। बगैर सट्टा पर्ची के वह खेत में पड़ा गन्ना क्रय केंद्र पर नहीं दे सकते थे। इस पर उन्होंने साधन सहकारी समिति के पूर्व चेयरमैन व भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष विजेंद्र सिंह से शिकायत की।
उस समय वह भी केंद्र पर मौजूद थे। उन्होंने इस संबंध में विभाग में पता किया तो पता चला कि जिला गन्ना अधिकारी ने उनका सट्टा लॉक कर दिया है। अब उनके कहने पर ही यह सट्टा खुलेगा। इसको लेकर किसानों में आक्रोश है। उन्होंने हंगामा किया। किसानों का कहना है कि जिला गन्ना अधिकारी की डीएम से शिकायत की जाएगी।