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Budaun News: ‘उझानी पुलिस पर भरोसा नहीं, सीओ सिटी से कराएं जांच’

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एसएसपी को ज्ञापन देने जाते मृत सुरक्षा गार्डों के परिजन। स्रोत- वीडियो ग्रैव
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बदायूं/ उझानी। भारत मिंट एंड एलायड केमिकल्स में पिछले दिनों सुपरवाइजर समेत तीन सुरक्षा गार्डों की मौत के मामले में उनके परिजनों ने बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं के साथ एसएसपी से मुलाकात की। उन्होंने उझानी कोतवाली पुलिस पर उनके बयान तक दर्ज नहीं किए जाने का आरोप लगाया। अब तक की जांच पर सवाल उठाते हुए उन्होंने विवेचना सीओ सिटी से कराने की वकालत की।
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दिल्ली हाईवे पर उझानी के गांव कुड़ानरसिंहपुर स्थित भारत मिंट एंड एलाइड कैमिकल्स में 13 जनवरी की सुबह में सुपरवाइजर जुगेंद्र यादव, गार्ड, वीरभान सिंह उर्फ भानु और विवेक यादव के शव मिले थे। मृतक के परिजनों ने फैक्टरी मालिक मनोज गोयल, उसके छोटे भाई नितीष गोयल और मैनेजर राकेश पर तीनों की हत्या कर शव घसीटकर केबन में डाल दिए जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसे लेकर मौके पर पांच घंटे तक हंगामा भी हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तीनों की मौत दम घुटने से होने का दावा किया था। पुलिस के दावे को लेकर मृतकों के परिजन पहले से ही सवाल उठाते रहे हैं।
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अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज तीनों मृतकों के परिजन अपने अधिवक्ताओं के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। मृतकों के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उझानी कोतवाली पुलिस की जांच पर उन्हें कतई भरोसा नहीं है। हत्या का केस दर्ज कराए जाने के बाद भी पुलिस ने मृतकों के परिजनों के बयान तक दर्ज नहीं किए हैं।
बताया कि घटना से जुड़े उनके पास जो साक्ष्य हैं, उन्हें भी देखने की कोशिश नहीं की गई है। तीनों मृतकों के परिजनों ने जांच सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय से जांच इस उम्मीद के साथ कराने की मांग की है कि उन्हें वीरता पुरस्कार मिला है। वह निष्पक्ष जांच करेंगे। पुलिस अफसरों ने जांच सीओ सिटी उपाध्याय से कराने का उन्हें भरोसा दिलाया है। बता दें कि मृतकों के परिजन सपा जिलाध्यक्ष के साथ पिछले दिनों भी एसएसपी से मिले थे। तब भी उन्होंने जांच की मौजूदा स्थिति पर नाराजगी जताई थी।

अफसरों की कमेटी ने भी नहीं मांगे हैं सबूत
पुलिस अफसरों से शिकायत कर लौटे मृतकों के परिजनों में देवेंद्र ने बताया कि जिले के अफसरों की चार सदस्यीय जो टीम डीएम के आदेश पर जांच कर रही है, उसने किसी भी मृतक के परिजन से साक्ष्य पेश करने के लिए नहीं बुलाया है। जांच के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई पूरी कर जा रही है। अफसर भी किसी भी मृतक के परिजनों से उनके घर जाकर नहीं मिले हैं।
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