बदायूं। बजट के अभाव में बहुत सी समस्याओं का समय से निस्तारण नहीं हो पाता है। ज्यादातर समस्याएं ग्रामीण क्षेत्रों में रहती हैं। इसमें सबसे दिक्कत शुद्ध पेयजल को लेकर बनी रहती है। इसको दृष्टिगत रखते हुए शासन ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि वह इस समस्या का निस्तारण करे। इसके बाद में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारी, कर्मचारी, प्रधानों के साथ बैठक की। प्रधान को निर्देशित किया कि वह गांव में प्रत्येक घर से जहां पर पानी कनेक्शन है। उनसे प्रति कनेक्शन 50 रुपये लेंगे। जिससे उनको टंकी के माध्यम से पानी शुद्ध मिल सके। अगर शुद्ध पेयजल मिलने में कोई दिक्कत आ रही है तो इस धनराशि से समय से वहां पर काम कराया जाएगा, ताकि लोगों को शुद्ध पानी लगातार मिल सके।
शासन के निर्देश है कि किसी भी व्यक्ति को कोई भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। अगर वह पात्र है, तो उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। वहीं शासन की एक योजना के तहत ग्राम पंचायतों में जलनिगम द्वारा ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। ताकि नल (टंकी) के माध्यम से लोगों को घरों पर ही शुद्ध पानी मुहैया हो सके। जलनिगम की ओर से ओवरहेड टैंक बनाकर ग्राम पंचायतों को हवाले कर दिया है। जिसके बाद में उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी ग्राम पंचायत हो गई। शुरुआत में तो कई ओवरहेड टैंक से पानी ग्रामीणों को नसीब हो गया। लेकिन बाद में कुछ कमियां आने पर पानी आना बंद हो गया। इसकी वजह ये थी कि ग्राम पंचायतों के पास अलग से इसको सही करने के लिए बजट नहीं था। ऐसे में काम नहीं हो सका। ये हालात बदायूं समेत प्रदेश के अधिकतर जनपदों की है। इसको देखते हुए शासन ने जिला प्रशासन को इसके निस्तारण के निर्देश दिए। ऐसे में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारी, कर्मचारी, प्रधानों के साथ बैठक की। प्रधानों को निर्देश दिए कि वह गांव में लोगों से प्रति कनेक्शन 50 रुपये लेंगे। जिससे गांव में पानी की समस्या का समाधान हो सके। लेकिन प्रधान की ओर से लोगों से यह रुपये नहीं लिए जा रहे हैं। जिसकी वजह से बजट नहीं है। ऐसे में समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
क्या बोले प्रधान
गांव में जब ओवरहेड टैंक बनाया गया था। तब यहां पर 400 कनेक्शन धारक थे। उनको शुरुआत में लगातार शुद्ध पानी नल के माध्यम से दिया जा रहा था। लेकिन बाद में पाइप लाइन कुछ जगह से खराब हो गई। इसको सही कराने के लिए धनराशि नहीं थी। ऐसे में जलनिगम को ओवरहेड टैंक वापस कर दिया गया है। वह सही कराके देंगे। गांव में कोई भी व्यक्ति 50 रुपये देने के लिए तैयार नहीं है।
-इशरत खां, प्रधान लक्ष्मीपुर
-लोग पानी का उपयोग तो करना चाहते हैं, लेकिन पैसा नहीं देना चाहते हैं, ऐसे में कब तक अपने पास से धनराशि लगाकर चीजों को सही करा सकते हैं। अगर सभी लोग प्रशासन की मंशा के अनुरूप धनराशि देंगे। तो जो भी कमियां हैं। उनको सही कराया जा सकता है। ताकि लोगों की समस्याएं खत्म हो सकें।
-रहबर बी, रमजानपुर, प्रधान
-गांव में जिनके कनेक्शन हैं, उन सभी लोगों से धनराशि ली जाए। अगर कुछ देते हैं और कुछ नहीं तो ये भी ठीक नहीं है। साथ ही गांव वालों से लिए जाने वाली धनराशि का हिसाब साफ सुथरा होना चाहिए। जब भी ग्रामीण चाहें, उसे तुरंत जानकारी दी जाए।
-सत्तर, रमजानपुर
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-कुछ दिन तक तो पानी घरों में पहुंचा था। लेकिन बाद में पाइप लाइन खराब हो गई। जिसकी वजह से पानी गंदा आने लगा था। बाद में वह भी बंद हो गया। अब काफी समय से पानी नहीं आ रहा है। तो किसी बात के पैसे दिए जाएं।
नरेंद्र सिंह, लक्ष्मीपुर