बदायूं जिले में नदियों का जलस्तर जरूर कम हुआ लेकिन दातागंज तहसील के 70 गांवों की एक लाख आबादी के लिए दुश्वारियां कम नहीं हुई। राशन और जरूरी सामान लोग नाव व ट्यूब के सहारे ला रहे हैं।
बदायूं जिले में गंगा और रामगंगा का जलस्तर शुक्रवार से घटने लगा। कछला में गंगा खतरे के निशान से 84 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई। रामगंगा नदी में भी बीते 24 घंटे में पानी नहीं बढ़ा। लेकिन मुसीबत की बाढ़ बरकरार है। रास्ते तालाब बन गए हैं। बाढ़ से घिरे 15 गांवों में बिजली गुल हो गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के 11 स्कूलों में चौथे दिन भी पढ़ाई बंद रही।
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दातागंज तहसील के 70 गांवों की एक लाख आबादी के लिए दुश्वारियां और बढ़ गईं हैं। राशन और जरूरी सामान लोग नाव व ट्यूब के सहारे ला रहे हैं। शादी ब्याह और बीमारों को लाने ले जाने के लिए भी नाव, डनलप और ट्रैक्टर ट्रॉली का ही सहारा रहा। इसमें भी रास्ते बदलने पड़े। कुछ स्थानों पर सड़कें उखड़ गईं। गड्ढे हो गए लेकिन बाढ़ में दिख नहीं रहे हैं। इससे गिरने खतरा बन गया है।
शेरपुर के लोग अपने गांव से हजरतपुर के पुल तक पहुंचे तब राशन लिया। गांव के वीरेश, शानू, पुनीत, उदयपाल आदि करीब एक किलोमीटर तैरकर हजरतपुर पहुंचे। जरूरी सामान सिर पर बांधा और तैरते हुए गांव पहुंचे। कई गांवों में बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है।
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सहसवान कस्बे के मोहल्ला अकबराबाद निवासी रोहित (15) पुत्र गोपी मौर्य की महावा में डूबने से जान गई है। परिवार वालों के मुताबिक रोहित शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अपने दोस्तों के साथ महावा नदी में नहाने चला गया। बारिश की वजह से महावा नदी में जलस्तर बढ़ गया है। रोहित और उसके दोस्तों को इसका अंदाजा नहीं था।