फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जहां रहता था हुजूम, वहां पसरी खामोशी

Wed, 08 Apr 2015 11:52 PM IST
बदायूं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कल तक जहां भारी शोरगुल होता था। देर रात जो गुलजार रहते थे। सियासी सूरमा अपने दावों से अपने आकाओं को खुश करने का प्रयास करते थे, अब वहां खामोशी की चादर तनी हुई है। धीरे-धीरे करके सामान समेटा जा रहा है।
विज्ञापन

जी हां, हम बात कर रहे हैं नगर पालिका परिषद के उप चुनाव में बनाए गए मुख्य कार्यालयों की। मंगलवार को वोट पड़ने के बाद से यहां दिखने वाली चहल-पहल बुधवार को गायब थी। यहां ना उम्मीदवार थे और न उनके ढेरों समर्थक, बस कुछ लोग नजर भी आए, वो सामान ले जाने और रखाने वाले। कल तक जो चुनाव कार्यालय गुलजार था, वह अब सूना हो गया। कई समर्थक थकान उतार कर कार्यालय हालचाल लेने पहुंचे, लेकिन वहां कोई नजर नहीं आया। सो वे घरों पर संपर्क करने पहुंचे। यहां उन्होंने बूथों पर दिखाए गए अपने जौहर की दास्तां बयां की। वहीं कुछ मतगणना एजेंट बनने के लिए पहुंचे।
00
प्रत्याशियों ने उतारी थकान
बदायूं। मंगलवार को मतदान होने के बाद उम्मीदवारों ने बुधवार को थकान उतारी। इस दिन उनकी दिनचर्या बदली हुई थी। कल तक संपर्क, चुनावी सभाओं में मशगूल रहने वाली महिला उम्मीदवारों कह बुधवार को दिनचर्या बदली नजर आई। रोजाना सुबह घर से निकल पड़ने का शिड्यूल बदल गया। मंगलवार की रात तो मोबाइल रिसीव करने की भी जहमत नहीं उठाई।
विज्ञापन

00
इस बार इतिहास रचेगी सपा: फातिमा
बदायूं। नगर पालिका परिषद के उप चुनाव में सपा की उम्मीदवार फातिमा रजा का कहना है कि उनकी सीधी टक्कर किसी से नहीं थी। शहर में जिस तरह से लोगों का जन समर्थन विकास के मुद्दे पर उनको मिला, इससे अंदाजा हो रहा है कि इस बार पालिका के चुनाव में सपा इतिहास रचने जा रहा है। शहर के अवाम ने सपा पर ही भरोसा जताया है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं।
00
सपा ने की लोकतंत्र की हत्या: दीपमाला
बदायूं। भाजपा प्रत्याशी दीपमाला गोयल ने कहा कि मतदान के दिन सपा विधायक और उनके गुर्गों ने फर्जी वोटिंग का इतिहास रखकर लोकतंत्र की हत्या की है। भाजपा ने कल शाम से ही मतदान का बहिष्कार कर दिया था। अब मतगणना का करेंगे। सपा जैसी गुंडागर्दी के लिए मशहूर है, वैसी ही यहां उप चुनाव में की गई। भाजपा के निर्दोष लोगों को घर से उठाया गया और उनके हिस्ट्रीशीटर बूथों पर डटे रहे। प्रशासन आंखों पर पट्टी बांधे रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें