एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बदायूं जिले में रह चुकी संभल जिला की गुन्नौर तहसील से निकाली जाने वाली लिफ्ट कैनाल को अभी गति नहीं मिल सकी है। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के आफिसों में विभिन्न स्वीकृतियों के लिए इसकी फाइल लाइन में लगा दी गई है। केंद्र के अधिकारी इस प्रकरण में अभी कई परीक्षण कराएंगे। इसमें लागत का परीक्षण भी शामिल है। केंद्र सरकार के कुछ विभागों से औपचारिक स्वीकृतियों को हरी झंडी मिल भी चुकी है।
जिले में भूगर्भ जल की स्थिति ठीक न होने के कारण क्षेत्र के लोगों की प्रबल मांग थी कि इस क्षेत्र को नहर का लाभ दिलाया जाए। यह बात सपा की पिछली सरकार से उठ रहा था। मुलायम सिंह यादव के बाद उनके पुत्र अखिलेश यादव की सरकार बनने पर यह प्रकरण एक बार फिर उच्च स्तर तक पहुंचा। क्षेत्र के विधायकों ने सांसद धर्मेंद्र के माध्यम से इस क्षेत्र के लिए कोई बड़ी नहर परियोजना बनाने का आग्रह किया था। यह आग्रह रंग लाया। प्रदेश सरकार के काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव यहां आए तो नहर की घोषणा कर गए फिलहाल कागजों में लिफ्ट कैनाल पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
परियोजना का प्रारूप तैयार
फाइलें केंद्र की स्वीकृति को
लिफ्ट कैनाल को तैयार फाइलों की स्वीकृतियों को केंद्र सरकार के जल विज्ञान, सिंचाई एवं नियोजन, लागत परीक्षण, अंतर्राज्यीय समाधान विभाग आदि में फाइल स्वीकृति की बाट जोह रही है।
लिफ्ट कैनाल की लागत का होगा परीक्षण!
राज्य सरकार के इंजीनियरों ने लिफ्ट कैनाल की लागत का आकलन 1850 करोड़ रुपये किया है। केंद्र को परीक्षण को गई फाइलों में इसका जिक्र है। किसी भी परियोजना की लागत के परीक्षण को केंद्र में अलग विभाग है। इस विभाग के पास भी फाइल पहुंच गई है। बताते हैं कि लिफ्ट कैनाल की सही लागत क्या हो सकती है और इसमें एरिया कैसे दिया गया है। इस बात का धरातलीय परीक्षण होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की टीम जल्दी ही संभल और बदायूं के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का स्थलीय परीक्षण करने आएगी। इसके बाद से अन्य औपचारिकताएं भी पूरी होना शुरू हो जाएगी।
निर्माणाधीन लिफ्ट कैनाल
एक नजर में
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लंबाई- 1370 किमी
कुल लागात- 1850 करोड़
सिंचित तहसील
सहसवान, बिल्सी
और बिसौली
डार्क ब्लाकों का उद्धार
इस्लामनगर, सहसवान,
अंबियापुर और आसफपुर
लाभान्वित होने वाले जिले
बदायूं और संभल
बड़े प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कई औपचारिकताएं पूरी करानी होती हैं। संभल के जयकरन गांव के पास गंगा से निकाली जाने वाली लिफ्ट कैनाल की प्रक्रिया केंद्र के अधीन पूरी हो रही है। जल्दी ही इनके पूरे जाने पर काम शुरू होगा। - डीके जैन, बाढ़ खंड, बदायूं।