बदायूं। परिवहन निगम की रोडवेज बसों में बढ़ा डीजल खर्च चालकों के वेतन से काटा जा रहा है। इस माह करीब 17 चालकों के वेतन से कटौती की गई है। जबकि, 16 चालकों को चेतावनी दी गई है।
चालक अब पुरानी बसों को चलाने से कतरा रहे हैं। वजह यह है कि बिना नोटिस के उनके वेतन से कटौती की जा रही है। बताया जा रहा है कि जो चालक डीजल की अधिक खपत कर रहे हैं, उनके वेतन से कटौती होगी। कटौती होने व फरमान सुनने के बाद खटारा बसों को चलाते आ रहे चालक बस चलाने को राजी नहीं हैं।
सबसे अधिक कटौती बदायूं-आनंद विहार जाने वाली बस के चालक के वेतन से 10 लीटर डीजल के रुपये की हुई। बाकी 16 चालकों के वेतन से तीन से पांच लीटर डीजल की कटौती की गई है। वहीं 16 चालक ऐसे हैं जिनको चेतावनी दी गई है कि अगर अगले माह में भी डीजल की खपत इसी तरह की गई तो कटौती की जाएगी।
अधिक डीजल खपत करने वाले चालकों पर लापरवाही से बस चलाने का आरोप लगाया है। कहा गया है कि यह चालक बस को तेज गति से भगाते हैं जिससे डीजल का औसत नहीं आ रहा है। एक चालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर उनकी बस में दो-तीन लीटर ज्यादा भी डीजल खर्च हो रहा तो उसका पैसा उनके वेतन से काट लिया जा रहा है। जब बसें रूट पर निकलती हैं तो दस-पांच लीटर डीजल इधर-उधर वैसे भी हो जाता है, लेकिन परिवहन निगम के अधिकारी समझने को तैयार नहीं है।
बसों को चलाने में जो चालक लापरवाही कर रहे हैं, उन्हीं का डीजल औसत कम आ रहा है। ऐसे लापरवाह चालकों के वेतन कटौती कर डीजल की पूर्ति कराई जा रही है।
- अजय कुमार, एआरएम, परिवहन निगम