मतदाता की उदासीनता से उझानी के अशर्फी देवी कन्या इंटर कॉलेज में पसरा सन्नाटा। संवाद
उझानी। लोकतंत्र के महापर्व पर इस बार पिछले दो लोकसभा चुनाव के मुकाबले लोगों में मतदान के प्रति उत्साह कम दिखा। मतदान के लिए लोग रुक-रुककर बूथ पर पहुंचे। वोटरों की चुप्पी और उदासीनता आखिर तक रही। इससे प्रत्याशियों में बेचैनी है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 58.09 प्रतिशत मतदान हुआ था। वर्ष 2019 में 57.17 प्रतिशत मतदान हुआ था। मतदान के बाद लोगों ने अपने-अपने पक्ष के प्रत्याशी की हार-जीत के बारे में खुलकर संकेत दे दिया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं।
सुबह में वोट डालकर निकले किलाखेड़ा मोहल्ले के लोगों से इस मुद्दे पर बातचीत की गई तो उन्होंने चुप्पी साधे रखी। मतदान कम होने की वजह पर लोगों ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व जनता की उम्मीदों को पूरा नहीं कर सका। इसलिए लोग मतदान के प्रति उत्साहित नहीं। इसका असर बूथों पर शाम तक देखा गया।
दोपहर डेढ़ बजे तक किलाखेड़ा विद्यालय के बूथ संख्या- 357 पर कुल 1144 में से 268, बूथ संख्या- 356 पर कुल वोट 925 में 210 और बूथ संख्या- 354 पर 1041 में 288 ही वोट पड़ पाए। इसी तरह नगर पालिका अशर्फी देवी कॉलेज के बूथ नंबर- 338 पर 981 में 323, बूथ संख्या- 340 पर 777 में 246 और बूथ संख्या- 332 पर 1056 में 326 मत पड़े। दोपहर तक हीं भी मतदान 40 फीसदी न हुआ था।
बात दलीय प्रत्याशियों के समर्थकों की करें तो उनका अंदाज बेबाक रहा। युवाओं का नजरिया थोड़ा हटकर जरूर दिखा, लेकिन चुप्पी उन्होंने भी नहीं तोड़ी। युवा वोटरों में जितेंद्र बोले- चुनाव को लेकर भलाई-बुराई करने के बजाय हमें सिर्फ नतीजे का इंतजार करना चाहिए। युवा वोटर जीराज ने कहा कि उम्मीद है कि ऐसी सरकार बनेगी जो रोजगार दिलाएगी। पर ये नहीं बताएंगे कि किसकी सरकार बनेगी। क्योंकि सही बात बोलते ही लोग नाराज हो जाते हैं।