फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वोटर लिस्ट की खामियों पर फैल रहा आक्रोश

Wed, 19 Aug 2015 12:25 AM IST
बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
भले ही मतदाता सूची को अभी अंतिम रूप न दिया गया हो। लेकिन जो प्रारंभिक सूची सामने आई है, उसमें मिली गड़बड़ियों पर जनता में आक्रोश फैल रहा है। किसी नाम जोड़ दिया तो किसी काट दिया। ऐसी समस्याओं को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
दातागंज तहसील के समरेर ब्लाक में नव गठित ग्राम पंचायत रमपुरा कलां के दुर्गेश कश्यप, रवींद्र पाल सिंह यादव राम बहादुर, राजू, पन्ना लाल आदि दर्जनो लोगों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि माह जून में उनके गांव के युवाओं के 176 वोट बने थे। बीएलओ ने इन नए वोटरों को पर्चियां भी सौंप दी थी। काला कूढ़ा के प्रधान सत्यवीर सिंह यादव ने काला कूढ़ा के बीएलओ राजेंद्र पाल को अपने घर बुलाया और पूरी वोटर लिस्ट छीन ली और उस पर लाल पेन से निशान लगाते हुए कहा कि वह सत्ता पक्ष के प्रधान हैं। यह नाम वोटर लिस्ट में होने नहीं चाहिए। उन्होंने 350 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से निकलवा दिए। राजेंद्र पाल की आवाज भी शिकायत कर्ताओं ने टेप की है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूरी बताई है।  
विज्ञापन


वनकोटा की वोटर लिस्ट से नाम काटे, प्रदर्शन
वजीरगंज। नई वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर ग्राम पंचायत वनकोटा के मजरा गरूईया के दर्जनों लोगों ने ब्लाक मुख्यालय पर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने इस संबंध में बीडीओ को दिए शिकायती पत्र में वोटर लिस्ट की जांच कर कटे हुए नामों को पुन: वोटर लिस्ट में शामिल कराए जाने की मांग की है।
मंगलवार को ग्राम गरूईया के प्रधान पद के प्रत्याशी सत्यपाल सिंह सहित दर्जनों लोगों ने नई वोटर लिस्ट नाम गायब होने के विरोध में ब्लाक मुख्यालय पर जमकर हंगामा काटा। सत्यपाल सिंह ने बताया कि नई वोटर लिस्ट में उनके परिवार के 125 लोगों के नाम गायब हैं। यहीं नहीं मोहल्ले के लगभग 300 से अधिक लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं। उन्होंने बीएलओ पर जानबूझकर वोटर लिस्ट से नाम गायब करने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने वोटर लिस्ट में काटे गए नाम शामिल कराने की मांग की है।
विज्ञापन

0000000000000
जो लोग वोटर लिस्टों को लेकर हंगामा कर रहे हैं, उसमें उनका का कोई निहित स्वार्थ है। जब एक व्यवस्था बनाई गई है कि 20 अगस्त तक आपत्तियां, दावे को तारीख निर्धारित है और निस्तारण का यही एक तरीका भी है। इसमें प्रदर्शन और शिकायत की गुंजाइश कहां रह जाती है। अभी 14 अगस्त को वोटरलिस्टों को प्रदर्शन हुआ और अब दावे आपत्तियां मांगी जा रही है।
- अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें