तीन दिन पहले आलू व्यापारी अमित अग्रवाल के नौकर से पांच लाख रुपये की लूट के मामले में भड़के गल्ला व्यापारी शनिवार को सड़कों पर आ गए। गुस्साए व्यापारियों ने कारोबार बंद रखकर बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस के विरोध में नारेबाजी भी की गई। पूर्व राज्यमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल और सीओ सतीश चंद्र शर्मा के इस आश्वासन पर करीब दो घंटा बाद जाम खुला कि जल्द ही बदमाशों को पकड़ कर रकम बरामद की ली जाएगी।
बरेली-मथुरा हाईवे पर कृषि उत्पादन मंडी समिति के सामने जाम की शुरूआत पूर्वाह्न में करीब 11 बजे हुई। गल्ला कारोबार बंद करके मंडी गेट पर धरना देने को बैठे उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, आलू मर्चेंट एसोसिएशन और कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन से जुड़े व्यापारी नेताओं ने पुलिस पर ढिलाई का आरोप लगाया। धरनास्थल पर काफी देर तक पुलिस अफसर नहीं पहुंचे तो व्यापारियों के सब्र का बांध टूट गया। नारेबाजी करते हुए व्यापारी सड़क पर आ गए। उन्होंने मंडी के सामने ही हाईवे पर जाम लगा दिया।
कोतवाल रामसूरत यादव पहुंचे तो व्यापारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। व्यापारियों के गुस्से के मद्देनजर कोतवाल ने सीओ सतीश चंद्र शर्मा और पीएसी को बुलवा लिया। पूर्व राज्यमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल भी जाम स्थल पर पहुंच गए। पूर्व राज्यमंत्री की मौजूदगी में सीओ ने प्रदर्शनकारियों में शामिल उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार बंसल, सतीशचंद्र गुप्ता, सर्वेश कुमार गुप्ता और महेंद्र कुमार गुप्ता से बात की। पुलिस और व्यापारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। जाम इस आश्वासन पर खुला कि एक-दो दिन में बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में अमित अग्रवाल, उदित गोयल, नितिन गुप्ता, चंदन गुप्ता, रोहताश गुप्ता, साकेत गर्ग, आयुष बंसल, सुनील बंसल, पुलकित भाटिया, हरीप्रकाश छाबड़ा और अमित मित्तल आदि शामिल थे।
उझानी पुलिस ने एटा में दी दबिश
उझानी। कासगंज के तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही कोतवाली पुलिस की एक टीम शनिवार सुबह एटा जिले में उस स्थान की ओर रवाना हो गई जिसके बारे में संदिग्धों ने जानकारी दी थी। पुलिस ने वहां दबिश भी दी। एटा जिले से एक युवक को हिरासत में ले लिए जाने की सूचना है।