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यह सिर्फ कहने काे है शहर का वीअाआर्इपी वार्ड

Tue, 13 Jun 2017 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  बदायूं।
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वार्ड - फोटो : अमर उजाला
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लगभग साढे पांच लाख रुपये माह खर्च होने के बाद गंदगी बरकरार      
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वार्ड परिक्रमा- छह
शहर में वीआईपी समझे जाने वाले वार्ड नंबर छह के बाशिंदे भी नारकीय हालात से दो-चार हैं। आदर्शनगर, नेकपुर और शिवशक्तिनगर जैसे बड़ी आबादी वाले इलाकों के अलावा इसी वार्ड में डीएम आवास और आफीसर्स कॉलोनी भी हैं लेकिन गंदगी और जलभराव से शायद ही कोई गली या मोहल्ला अछूता हो। यहां सड़कें और गलियां भी खराब हैं और पानी की सप्लाई भी ठीक नहीं है। लगभग 20 हजार से ज्यादा आबादी वाले इस वार्ड के लोगों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरंदाज करता आ रहा है। 
 नगर पालिका सदस्य शारदा यादव के मुताबिक इस वार्ड में लगभग 150 प्रमुख गलियां हैं। इसमें लगभग 50 गलियां कच्ची, 70 गलियां टूटी पड़ी हैं। करीब 10 हैंडपंप खराब पड़े हुए है। वार्ड में 250 स्ट्रीट लाइटों में से 100 लाइटें खराब हैं। कहीं-कहीं वार्ड में बिजली के पोल झुके हुए और तारों का झुरमुट और बिजली की लाइनें लटक रहीं हैं, इससे आए दिन मोहल्ले में दुर्घटनाएं हो रही है। अगर नगर पालिका का यही हाल रहा तो वार्ड के बाशिंदे पलायन के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस वार्ड में दो बड़े नालों के अलावा चार-पांच छोटे नाले भी बहते हैं लेकिन उनके चोक होने से नेकपुर की नई बस्ती तक काफी जलभराव हो जाता है। महाराजनगर मोहल्ले से सोत नदी तक जलभराव से लोग जूझते हैं। आदर्शनगर में सड़कों तक पानी भर जाता है। आवास विकास का ए ब्लाक भी जलभराव को झेलता है। बारिश नजदीक है इसलिए इस वार्ड के लोगों को चिंता सताने लगी है।      
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वार्ड में दिक्कतें      
-आदर्शनगर मोहल्ले में संजू शाक्य और रवेंद्र शर्मा का कहना है कि इस मोहल्ले में खराब सड़क से लेकर पेयजल तक की समस्याएं बरकरार हैं। न पानी है और न ही लाइटें सही हैं। गंदगी तो वर्षों से साफ होती ही नहीं है। कुछ गलियों में सफाई न किए जाने से बरसात में जलभराव हो जाता है। सड़कें टूटी होने की वजह से पैदल चलना मुश्किल हो जाता है लेकिन कोई नही सुनने वाला हैं। कई बार पालिका सदस्य से कहा जा चुका है।       
-शिवशक्ति नगर और आवास विकास ब्लाक ए के राजेंद्र सिंह, टंपू गुप्ता ने बताया कि नालों में वर्षों से बरसात का गंदा पानी भरा हुआ है। रोड के दोनों ओर से सालों से नालों की सफाई नहीं की गई है। इससे वे चोक हैं। यहां गंदगी बजबजा रही है, मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, बीमारियां फैल रही हैं। रोड पर लाइटें तो सही हैं लेकिन कॉलोनी की लाइटें खराब होने से रात को अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं देता है।       
-ढांक वाली जियारत इलाके के महेंद्र, हाकिम सिंह और मुकेश ने बताया कि यहां गलियां न बनने से पैदल निकलना भी दूभर है। यहां जब से बस्ती हुई हैं, तब से एक दो गली बनने के अलावा और कोई काम नही हुआ है। न ही लाइटें लगी हैं। बरसात में पूरा इलाका जलमग्न होने की वजह से घर से नहीं निकल पाते हैं। जब गालियां बनें तो इस इलाके का सुधार हो पाए और तो और बच्चे भी स्कूल नहीं जा पाते हैं।       
-नेकपूर रेलवे कचहरी फाटक से लेकर डीएम आवास तक किसी कॉलोनी में लाइटें ठीक नहीं हैं। गंदगी के जगह-जगह ढेर लगे हुए हैं। इस मोहल्ले में कई लोग डेंगू और चिकनगुनियां के शिकार हो चुके हैं। अनेकपाल, ऋषिकेश, राखी, पप्पू ने बताया कि यहां तो बरसात में घरों में पानी घुस जाता है। नालियों का गंदा पानी घरों में जाने से रहना मुश्किल हो जाता है। कई लोगों के मकान की दीवारें धंस चुकी हैं।

कितना होता है इस वार्ड पर खर्च
नगर पालिका अधिकारियों की माने तो हर माह राज्य वित्त आयोग से एक करोड़ 47 लाख रुपये का बजट नगरपालिका को प्राप्त होता है और करीब 10 लाख रुपये दैनिक वेतन भोगी सफाई कर्मचारियों के लिए आता है। वहीं नगर पालिका में कुल 29 वार्ड हैं। इनको प्रत्येक वार्ड में बांटने पर एक वार्ड के लिए करीब पांच लाख 34 हजार रुपये खर्च होने का औसत निकलता है। वहीं वार्ड छह में सफाई के लिए छह कर्मचारी लगाए गए हैं लेकिन मोहल्ले वासियों की माने तो एक भी सफाई कर्मचारी सफाई करने नजर नहीं आता है।      
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कहां-कहां खराब हैं नल      
 -नेकपुर पाकड़ वाली गली में आगे जाकर दो नल खराब पड़े हुए हैं, डीएम आवास के सामने वीरपाल वर्मा के घर के पास और एक नल उसी रोड पर आगे, एक नल सीएमओ कॉलोनी में, हाकिम सिंह के मकान के पास महाराज नगर, एचएस कोल्ड स्टोर के पास अलापुर रोड, नेकपुर शराब वाली भट्टी के पास, नेकपुर डीएम रोड बैंक आफ बड़ौदा के पास, संतोख सिंह डीएम रोड पर      
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क्या कहते हैं लोग      
 नेकपुर निवासी आशा देवी ने बताया कि मोहल्ले में बरसात का गंदा पानी भरा हुआ है। पिछले दिनों उनकी लड़की खुशी की डेंगू की वजह से मौत हो चुकी है। यह पानी इतना खतरनाक है कि लोग मौतों का शिकार हो रहे हैं। अन्य लोगों ने बताया कि वे लोग बीमार पड़े हुए हैं। यहां अधिकांश गरीब लोग रह रहें हैं। इन लोगों का कहना है कि यही हालत रही तो हम लोग यहां से चले जाएंगे।       
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 माता वाली गली नेकपुर में पिंकी शर्मा ने बताया कि यहां गंदगी की तो कभी सफाई होती ही नहीं, इसके बाद बिजली खंभा झुका हुआ है। घर की छत पर टिका हुआ है। कई बच्चों ने बिजली के धोखे से तार पकड़ लिया, इससे उसे करंट लग गया। इलाज कराने पर सही हो सका। पता नही यह खंभा किसकी जान ले ले। लोगों ने कई बार इसकी शिकायत भी की लेकिन कुछ नहीं हुआ।       
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 आवास विकास के अजीत जुनेजा ने बताया कि यहां लगा गंदगी का ढेर कभी साफ ही नहीं होता है। गंदगी की वजह से यहां से लोगों का निकलना दूभर है। कभी कोई सफाई कर्मचारी आता ही नही है। वहीं शिवदेवी सरस्वती विद्यामंदिर स्कूल के पास नाले में वर्षों से गंदा पानी भरा हुआ है।       
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महाराजनगर के गोदन सिंह का कहना है कि यह नाला कई सालों से खुला पड़ा है। कई बार स्कूल जाते समय बच्चे गिर गए और रात में अंधेरा होने के कारण दिखाई न देने पर बुजुर्ग लोग भी गिर जाते है। इससे बनवाने की कोई सुध नहीं ले रहा है। नीरज ने बताया कि नाले पार करते समय सामान गिर जाता है। घरों से निकलना मुश्किल है। पता नहीं कब इस समस्या से मुक्ति मिलेगी।       
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पालिका सदस्य से बात      
    
वार्ड में सड़कें बनवाई हैं। गलियां ठीक कराई हैं। इसके बाद जो समस्या बनी है। उसकी जिम्मेदार नगरपालिका है। कई बार इन समस्याओं के लिए अधिशासी अधिकारी और चेयरमैन से कहा गया लेकिन उन्होंने एक न सुनी। मैैने कई बार काम कराने के लिए प्रस्ताव दिए कोई पास नहीं किया गया। नगरपालिका से कितने सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं, इसकी जानकरी नहीं है। कई बार नगरपालिका अधिकारियों से पूछा गया किसी ने नहीं बताया।       
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-शारदा यादव, पालिका सदस्य
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वार्ड छह शहर का महत्वपूर्ण वार्ड है। इसमें जनसमस्याओं का निस्तारण नगर पालिका से न किए जाने की शिकायतें मिलती रहती हैं। अगर पालिका के अधिकारी गंभीरता से लेकर शिकायतों का निस्तारण नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-अजय कुमार, एडीएम प्रशासन
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