उझानी। निर्माणाधीन बाइपास पर अढ़ौली-वनगवां रोड पर सर्विस लेन बनाए जाने की मांग को लेकर इलाके के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने निर्माणस्थल पर अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर मजदूरों को काम नहीं करने दिया। उन्हें समझाने के लिए एनएचएआई के साइट इंजीनियर मौके पर पहुंचे, तब भी कोई नतीजा नहीं निकला। इस दौरान मजदूरों और ग्रामीणों में नोकझोंक भी हुई।
इलाके के गांव अढ़ौली और वनगवां समेत आसपास गांव के लोग अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रविवार दोपहर बाद निर्माणाधीन बाइपास पर पहुंच गए। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निर्माणस्थल पर खड़ी कर एनएचएआई के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
ग्रामीणों में सूरजपाल ने बताया कि बाइपास का निर्माण पूरा होने के बाद वनगवां समेत इलाके के करीब आधा दर्जन गांवों का रास्ता बंद हो जाएगा। एनएचएआई के अधिकारी अढ़ौली-वनगवां रोड को जोड़े रखने के लिए अंडरपास निर्माण का दावा कर रहे हैं, लेकिन अंडरपास मुसीबत साबित होगा। मांग की कि अंडरपास के बजाय सर्विस लेन का निर्माण कराया जाए।
विवाद की सूचना पर साइट इंजीनियर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी अंडरपास के अलावा कोई अन्य विकल्प न होना बताया। प्रदर्शनकारियों ने अंडरपास बनवाने के दावों को खारिज कर दिया। इसे लेकर प्रदर्शनकारियों और मजदूरों के बीच नोकझोंक भी हो गई।
शाम करीब छह बजे तक ग्रामीण मौके पर ही डटे रहे। साइट इंजीनियर ने उन्हें उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद समाधान खोजने का भरोसा दिलाया है। प्रदर्शनकारियों में बसूपाल, कार्तिक, बहोरन लाल, भूदेव सिंह, बदन सिंह, रवि कुमार और वंशीलाल आदि शामिल थे।
अढ़ाैली समेत इलाके के दो-तीन गांव के लोग रविवार दोपहर बाद निर्माणाधीन बाइपास पर पहुंच गए थे। वह सर्विस लेन का निर्माण कराना चाहते हैं, जबकि अंडरपास निर्माण का उन्हें पहले ही भरोसा दिलाया जा चुका है। फिर भी वह एक- दो दिन में ग्रामीणों से वार्ता कर समाधान खोज लेंगे।- उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई