कैली गांव में सड़क पर जलभराव हो रहा। संवाद
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बदायूं/कुंवरगांव। क्षेत्र के कैली गांव में जगह-जगह गंदगी और जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। गांव की सड़कें बारिश के पानी से तालाब में तब्दील हो गई हैं। जलभराव और गंदगी के बीच गांव में 100 से अधिक संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। बावजूद इसके गांव में अब तक फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने लगाए शिविर में 153 मरीजों का उपचार किया।
कैली गांव के मुकेश और सोनू के मुताबिक गांव में कई दिनों से लोग बुखार से पीड़ित हैं। घर-घर मरीज होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। बारिश के बाद गांव की स्थिति और खराब हो गई है। नालियों की नियमित सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। ग्रामीणों ने जलभराव खत्म कराने के साथ ही फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराने की मांग की है।
बुखार फैलने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को गांव में शिविर लगाया। शिविर में 153 मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं वितरित की गईं। 80 मरीजों की मलेरिया की जांच की गई। जांच में किसी भी मरीज में डेंगू या मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई। 27 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित पाए गए। डॉक्टर मेहराज हुसैन, डॉ. कमर, इकबाल, डॉ. अंशु ने मरीजों को दवा देकर सावधानियां बरतने की सलाह दी। दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि केवल स्वास्थ्य शिविर लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
कैली गांव में टीम भेजी गई है। लोगों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी जा रही हैं। संदिग्ध लोगों की जांच कराई गई। वहीं ओआरएस के पैकेट भी वितरित कराए गए हैं। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
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